ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल का माफिया गिरफ्तार, मोतिहारी में 25 लाख की रिश्वत मांगने वाले राजन जायसवाल के मोबाइल खोलेंगे कई राज, बड़े अधिकारियों से कनेक्शन की जांच शुरु

Bihar STF: ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार राजन जायसवाल को लेकर पुलिस जांच तेज हो गई है। ...

ड़े अधिकारियों से कनेक्शन की जांच शुरु - फोटो : reporter

Bihar STF: ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार राजन जायसवाल को लेकर पुलिस जांच तेज हो गई है। आरोप है कि राजन ने मोतिहारी सदर एसडीओ से एक बड़े अधिकारी के नाम पर 25 लाख रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने उसे मोकामा-बंदे भारत ट्रेन से गिरफ्तार किया और बाद में मोतिहारी साइबर थाना पुलिस को सौंप दिया।

पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल गतिविधियों की जांच में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, राजन के पास से मिले दो लेटेस्ट आईफोन को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन मोबाइल से कथित नेटवर्क, संपर्कों और लेन-देन से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।

थानेदारों की पोस्टिंग में दखल का आरोप

बताया जा रहा है कि राजन जायसवाल का मोतिहारी से पुराना जुड़ाव रहा है। पुलिस और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि एक आईपीएस अधिकारी की पोस्टिंग के बाद जिले में उसका प्रभाव बढ़ गया था। आरोप है कि वह थानेदारों और सर्किल इंस्पेक्टरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को प्रभावित करने की कोशिश करता था।सूत्रों के मुताबिक, पूर्व में भी ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े मामलों को लेकर अधिकारियों की नजर उस पर गई थी। हालांकि, पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही है।

व्हाट्सएप कॉल और मैसेज से मांग रहा था रकम

पुलिस के अनुसार, राजन पर आरोप है कि उसने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए एसडीओ से संपर्क किया और पोस्टिंग से जुड़े मामले में रुपये की मांग की। रुपये नहीं देने पर पोस्टिंग प्रभावित करने की धमकी देने का भी आरोप है।मोतिहारी सदर एसडीओ ने इसकी शिकायत साइबर थाना और वरीय अधिकारियों से की थी। इसके बाद एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।

आईएएस-आईपीएस नंबर मिलने की चर्चा, जांच जारी

जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल से कई अधिकारियों के नंबर मिलने की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। साइबर थाना तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि राजन वास्तव में किसी अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर रहा था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।

सोशल मीडिया पर रसूख दिखाने वाली तस्वीरें वायरल

गिरफ्तार आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट से कथित तौर पर कई ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें उसका रसूख दिखाने की कोशिश नजर आती है। कुछ तस्वीरों में हूटर लगी गाड़ी और हथियारों के साथ फोटो वायरल होने की बात कही जा रही है। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।फिलहाल राजन जायसवाल से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार