Bihar Crime: पुलिस की वर्दी की आड़ में जाली नोट का काला खेल उजागर, मोतिहारी पुलिस का बड़ा एक्शन, 1 करोड़ के नकली नोट, सोने के बिस्कुट और हथियार के साथ दबोचे गए 4 तस्कर
Bihar Crime:पुलिस ने जाली नोट के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर करीब एक करोड़ रुपये के नकली नोट, 13 लाख रुपये नकद, 38 सोने के बिस्किट, हथियार, पुलिस की वर्दी समेत भारी मात्रा में सामान बरामद किया...
Bihar Crime: पूर्वी चंपारण में पुलिस ने जाली नोट के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर करीब एक करोड़ रुपये के नकली नोट, 13 लाख रुपये नकद, 38 सोने के बिस्किट, हथियार, पुलिस की वर्दी, बुलेट बाइक और लग्जरी कार समेत भारी मात्रा में सामान बरामद किया है। इस कार्रवाई में चार संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व स्वर्ण प्रभात ने किया।
पुलिस के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर भोपतपुर थाना क्षेत्र में गठित एसआईटी ने देर रात कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान भोपतपुर निवासी सुलेमान अंसारी और इम्तियाज समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया। बरामद सामान में 500 रुपये के कथित जाली नोट, 13 लाख रुपये नकद, 38 सोने के बिस्किट (फाइन गोल्ड एवं रोल्ड गोल्ड), हथियार, कारतूस, पुलिस की वर्दी, जूते और कई संदिग्ध दस्तावेज शामिल हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर पुलिस की वर्दी पहनकर जाली नोट की खेप लेने आने वाले तस्करों को झांसा देते थे और असली रकम लूटने की वारदात को अंजाम देते थे। हालांकि पुलिस इस दावे की विस्तृत जांच कर रही है और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा करेगी।
इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में सदर डीएसपी-1 दिलीप सिंह, डीएसपी-2 जितेश पांडेय, दो प्रशिक्षु डीएसपी, पांच थानों की पुलिस और जिला आसूचना इकाई (DIU) की टीम शामिल रही। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर उनके संपर्कों और पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है।
पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार कई जिलों और संभवतः दूसरे राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उनकी निशानदेही पर अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार