Bihar Crime:भूसे के घर में छिपा था शराब का जखीरा, 15 लाख की खेप बरामद, बड़ा शराब माफिया दबोचा गया

Bihar Crime: बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब तस्करों का सिंडिकेट लगातार सक्रिय है।...

भूसे के घर में छिपा था शराब का जखीरा- फोटो : reporter

Bihar Crime: मुजफ्फरपुर में शराबबंदी कानून को खुली चुनौती दे रहे एक बड़े शराब माफिया के खिलाफ उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 15 लाख रुपये मूल्य की विदेशी शराब बरामद की है। गुप्त सूचना पर की गई इस छापेमारी में 150 कार्टन शराब के साथ कुख्यात कारोबारी सुनील सहनी को गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि छापेमारी से ठीक पहले वह लाखों रुपये की शराब की खेप विभिन्न इलाकों में सप्लाई भी कर चुका था।

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब तस्करों का सिंडिकेट लगातार सक्रिय है। हालांकि उत्पाद विभाग भी इनके खिलाफ शिकंजा कसने में जुटा हुआ है। इसी क्रम में मोतीपुर थाना क्षेत्र के नरियार गांव में हुई कार्रवाई ने शराब कारोबार के एक बड़े नेटवर्क की परतें खोल दी हैं।

सूत्रों के अनुसार, उत्पाद विभाग को पुख्ता मुखबिरी मिली थी कि नरियार गांव में एक घर को शराब के गुप्त गोदाम में तब्दील कर दिया गया है। सूचना मिलते ही उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह, इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार और एसआई नीरज कुमार के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी। छापेमारी के दौरान भूसा रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एक मकान से भारी मात्रा में विदेशी शराब का जखीरा बरामद हुआ।

तलाशी के दौरान 150 कार्टन विदेशी शराब बरामद की गई। इसके साथ ही मौके से शराब तस्करी के सरगना माने जा रहे सुनील सहनी को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि उसका नेटवर्क केवल मुजफ्फरपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) तक फैला हुआ था। आरोप है कि वह बड़े पैमाने पर शराब की खेप मंगाकर विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था।

उत्पाद विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य कारोबारियों और सप्लायरों की पहचान की जा रही है। विभाग का दावा है कि जल्द ही इस पूरे गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब एक गांव में इतने बड़े पैमाने पर शराब का अवैध कारोबार चल रहा था, तो स्थानीय स्तर पर इसकी भनक क्यों नहीं लगी। फिलहाल उत्पाद विभाग की टीम पूरे नेटवर्क की कुंडली खंगालने में जुटी है और शराब तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। शराब के इस काले कारोबार पर अब कानून का शिकंजा और कसता नजर आ रहा है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा