PDS की आड़ में शराब के काले कारोबार का खुलासा, डिलर का बेटा निकला तस्कर

Bihar Crime:मुजफ्फरपुर में शराब तस्करी के खिलाफ उत्पाद विभाग की कार्रवाई में कथित तौर पर एक ऐसा नेटवर्क सामने आया है, जिसने सरकारी PDS दुकान की आड़ को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

शराब के काले कारोबार का खुलासा- फोटो : reporter

Bihar Crime:मुजफ्फरपुर में शराब तस्करी के खिलाफ उत्पाद विभाग की कार्रवाई में कथित तौर पर एक ऐसा नेटवर्क सामने आया है, जिसने सरकारी PDS दुकान की आड़ को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग के अनुसार, सकरा थाना क्षेत्र के गोपालपुर बहनगरी गांव में एक सरकारी PDS दुकानदार के घर के अंदर बने गोदाम से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई है। कार्रवाई के दौरान दुकानदार के बेटे रविकर कुमार और एक कंटेनर चालक को गिरफ्तार किया गया है।उत्पाद विभाग के मुताबिक पूरा मामला एक गुप्त सूचना से खुला। उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार को जानकारी मिली थी कि बंगाल नंबर का एक कंटेनर ट्रक मनियारी थाना क्षेत्र के काजीइड़ा टोल टैक्स के पास खड़ा है और उसमें विदेशी शराब की खेप लदी है। सूचना मिलते ही उत्पाद विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और कंटेनर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान विदेशी शराब बरामद होने का दावा किया गया।कार्रवाई के दौरान कंटेनर चालक समोल गिरी, जो पूर्वी चंपारण के कोटवा का रहने वाला बताया गया है, को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में चालक ने कथित तौर पर बताया कि शराब की कुछ खेप सकरा थाना क्षेत्र के गोपालपुर बहनगरी गांव में रविकर कुमार के मकान पर उतारी गई थी।

इसके बाद उत्पाद विभाग की टीम ने बताए गए ठिकाने पर छापेमारी की। यहां एक सरकारी PDS दुकानदार अनीता देवी के आवास के अंदर बने दो कमरों की तलाशी ली गई। विभाग का दावा है कि इन कमरों से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई, जिसे इसी कंटेनर से उतारे जाने की जानकारी चालक ने दी थी।तलाशी के दौरान अनीता देवी के बेटे रविकर कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। उत्पाद विभाग ने उसे शराब तस्करी के कथित नेटवर्क से जोड़ते हुए पूछताछ शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार रविकर की मां सरकारी PDS दुकान चलाती हैं और आरोप है कि इसी व्यवस्था की आड़ में उनका बेटा शराब की तस्करी कर रहा था।

इस कार्रवाई के बाद सरकारी PDS दुकान पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि PDS दुकान का इस्तेमाल सीधे शराब के भंडारण या तस्करी के लिए किया जा रहा था या नहीं। इस संबंध में जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव भी एक्शन मोड में हैं। उन्होंने कहा है कि जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो PDS लाइसेंस को रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। यानी शराब बरामदगी की जांच का असर अब सरकारी राशन दुकान के लाइसेंस तक पहुंच सकता है।

उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार के मुताबिक फिलहाल गिरफ्तार कंटेनर चालक और रविकर कुमार से पूछताछ की जा रही है। दोनों स्थानों से बरामद शराब का मिलान भी कराया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कंटेनर से कितनी शराब उतारी गई और बरामद खेप उसी से संबंधित है या नहीं। अब जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि इस कथित तस्करी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, शराब की खेप कहां से आई थी और इसे कहां खपाने की तैयारी थी। यदि जांच में आरोप पुष्ट होते हैं तो यह कार्रवाई सिर्फ दो गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रह सकती और पूरे नेटवर्क पर कानूनी शिकंजा कस सकता है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा