Bihar Crime: डीटीओ ऑफिस में आर्थिक अपराध इकाई का शिकंजा, प्रधान लिपिक गिरफ्तार
Bihar Crime: आर्थिक अपराध इकाई पटना की टीम ने एक हाईप्रोफाइल मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला परिवहन कार्यालय के प्रधान लिपिक को गिरफ्तार कर लिया।
Bihar Crime: नवादा में आर्थिक अपराध इकाई पटना की टीम ने एक हाईप्रोफाइल मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला परिवहन कार्यालय के प्रधान लिपिक कन्हैया लाल को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने आपराधिक साजिश के तहत चोरी की स्कॉर्पियो के दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़ा कर वाहन का रजिस्ट्रेशन दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कराने में मदद की। गिरफ्तारी के बाद EOU की टीम आरोपी से पूछताछ कर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
मामला वर्ष 2021 में गोपालगंज डीटीओ कार्यालय से जुड़ा बताया जा रहा है। उस वक्त कन्हैया लाल वहां लिपिक के पद पर तैनात थे। आरोपों के मुताबिक, कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के वीसी के ड्राइवर राधेश्याम सिंह की चोरी हुई स्कॉर्पियो को शराब तस्करों ने फर्जी नंबर के साथ इस्तेमाल किया था। वाहन का मूल नंबर JH 01 CJ 7840 था, जिसे बदलकर BR 06 PD 9070 कर दिया गया था, जबकि इंजन और चेसिस नंबर पुराने ही थे।
पुलिस के मुताबिक, स्कॉर्पियो 24 दिसंबर 2019 को रोहतास के दिनारा थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी। बाद में 19 जून 2020 को गोपालगंज के सिधवलिया थाना क्षेत्र से शराब के साथ बरामद की गई। इसके बाद 27 दिसंबर 2021 को वाहन की नीलामी कर दी गई। आरोप है कि लिपिक की मिलीभगत से इंजन और चेसिस नंबर का मिलान किए बिना ही वाहन का रजिस्ट्रेशन दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दिया गया।
मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद आर्थिक अपराध इकाई पटना में 20 नवंबर 2025 को कांड संख्या 42/25 दर्ज किया गया। कन्हैया लाल को अप्राथमिकी अभियुक्त बताया गया है। कार्रवाई एसडीपीओ सुरेश प्रसाद के नेतृत्व में हुई, जिसमें आर्थिक अपराध इकाई के इंस्पेक्टर राघवेन्द्र नारायण, एसआई कुमार धीरेन्द्र और नगर थाना के एसआई सानू कुमार शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद अब पूरे फर्जीवाड़े में कथित मिलीभगत और अन्य आरोपियों की भूमिका की तफ्तीश तेज हो गई है।