नवादा में बिना नंबर की थार का तेल कांड, 4000 का पेट्रोल भरवाकर फरार हुआ चालक, CCTV में कैद हुई करतूत

Bihar Crime: फ्यूल सेंटर पर एक थार चालक की कथित दबंगई का मामला सामने आया है। आरोप है कि चालक ने करीब ₹4000 का पेट्रोल भरवाया और भुगतान करने के बजाय बिना नंबर प्लेट लगी थार लेकर मौके से फरार हो गया।

4000 का पेट्रोल भरवाकर फरार हुआ चालक- फोटो : reporter

Nawada: जिले के अकबरपुर प्रखंड स्थित मखार गांव के कपिल देव फ्यूल सेंटर पर एक थार चालक की कथित दबंगई का मामला सामने आया है। आरोप है कि चालक ने करीब ₹4000 का पेट्रोल भरवाया और भुगतान करने के बजाय बिना नंबर प्लेट लगी थार लेकर मौके से फरार हो गया। पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस से कार्रवाई की मांग की जा रही है।

पेट्रोल पंप कर्मियों के अनुसार, थार गाड़ी पंप पर पहुंची और चालक ने टैंक फुल करने को कहा। कर्मचारी ने वाहन में करीब चार हजार रुपये का पेट्रोल भर दिया। इसके बाद जब भुगतान के लिए क्यूआर स्कैनर दिया गया तो चालक ने कहा कि स्कैन नहीं हो रहा है। उसने दूसरा स्कैनर लाने को कहा।आरोप है कि जैसे ही कर्मचारी दूसरा स्कैनर लेने के लिए कुछ कदम दूर गया, चालक ने तेजी से गाड़ी स्टार्ट की और बिना भुगतान किए फरार हो गया। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि कर्मचारी कुछ समझ पाता, उससे पहले वाहन आंखों से ओझल हो चुका था।

घटना के बाद पेट्रोल पंप प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला। फुटेज में कथित तौर पर साफ दिखाई दिया कि थार पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी, जिससे वाहन की पहचान और चुनौतीपूर्ण हो गई। पंप प्रबंधन का दावा है कि वाहन स्थानीय क्षेत्र का प्रतीत होता है।इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। उनका कहना है कि कुछ वाहन चालक ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाते हैं, जिससे ऐसे मामलों में पहचान और कार्रवाई मुश्किल हो जाती है।

मामले पर अकबरपुर थाना प्रभारी रुपेश कुमार सिन्हा ने बताया कि अभी तक इस संबंध में कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आवेदन मिलते ही पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू करेगी तथा दोषी पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।यह घटना एक बार फिर बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों की आवाजाही और पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रही है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो पुलिस के सामने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की पहचान कर मामले का खुलासा करने की चुनौती होगी।

रिपोर्ट- अमन कुमार