पटना हिंसा पर पुलिस का शिकंजा, 117 उपद्रवियों की तस्वीरें जारी, डिजिटल सबूतों से होगी पहचान और गिरफ्तारी

Patna Violence: कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और उपद्रव फैलाने वालों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने 117 संदिग्ध लोगों की तस्वीरें सार्वजनिक कर दी हैं।

117 उपद्रवियों की तस्वीरें जारी- फोटो : social Media

Patna Violence:  NEET पेपर लीक के विरोध में 22 जुलाई को पटना में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद बिहार पुलिस ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और उपद्रव फैलाने वालों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने 117 संदिग्ध लोगों की तस्वीरें सार्वजनिक कर दी हैं।

पुलिस के अनुसार ये तस्वीरें घटना के दौरान लगे CCTV कैमरों और विभिन्न वीडियो फुटेज की जांच के बाद सामने आई हैं। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। जारी किए गए दस्तावेज में प्रत्येक संदिग्ध की क्रम संख्या के साथ उसकी तस्वीर भी शामिल की गई है, ताकि पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज की जा सके।

बिहार पुलिस ने बताया कि हिंसा में शामिल लोगों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। सभी थानों और संबंधित पुलिस इकाइयों को जारी तस्वीरों के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि जिन लोगों की पहचान हो चुकी है, उनकी तलाश लगातार जारी है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, हिंसा फैलाने और कानून-व्यवस्था भंग करने जैसी धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अब तक मिले वीडियो और CCTV फुटेज की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक अभी और संदिग्धों की पहचान की जा सकती है। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े हर डिजिटल साक्ष्य को खंगाल रही हैं, ताकि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा न जाए।

बिहार पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि जारी की गई तस्वीरों में अगर किसी व्यक्ति की पहचान होती है तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सकता है।NEET पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन अब हिंसा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे में बदल गया है। पुलिस प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि प्रदर्शन के नाम पर हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।