पटना पुलिस का बड़ा एक्शन : 'दया दुबे गैंग' का सरगना समेत दो और शूटर गिरफ्तार, पूरे गिरोह का हुआ सफाया
Bihar Crime : पटना पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने पटना और इसके आसपास के इलाकों में आतंक के पर्याय बने कुख्यात दया दुबे गैंग का सफाया कर दिया है। पुलिस ने बक्सर में छुप कर बैठे गैंग के सरगना दया दुबे को धर दबोचा है....
Patna : राजधानी पटना और उसके आस-पास के इलाकों में आतंक का पर्याय बने कुख्यात 'दया दुबे गैंग' के खिलाफ पटना पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना दया दुबे और उसके एक अन्य सक्रिय सहयोगी को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का लगभग सफाया कर दिया है। इस बड़ी कामयाबी के साथ ही पुलिस अब तक इस खतरनाक सिंडिकेट के कुल 10 सक्रिय सदस्यों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। गिरोह के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
बिहटा में मांगी गई थी 7 लाख की रंगदारी, एसपी ने गठित की थी विशेष टीम
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पटना पश्चिमी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि बीते 23 मई 2026 को बिहटा थाना क्षेत्र में एक व्यवसायी से दया दुबे और उसके साथियों द्वारा 7 लाख रुपये की मोटी रंगदारी मांगने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के निर्देशन में बिहटा थाना और जिला आसूचना इकाई (DIU) की एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह लगातार सक्रिय था और पहचान छुपाने के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रंगदारी मांग रहा था।
कट्टा, पिस्तौल और जिंदा कारतूस के साथ तीन गुर्गे पहले ही हुए थे ढेर
गठित विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले 25 मई 2026 को पुलिस ने दो अभियुक्तों को अवैध हथियारों के साथ दबोचकर जेल भेजा। इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए 25 मई को ही एक अन्य आरोपी रंजय कुमार को 1 देशी पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस की दबिश यहीं नहीं रुकी; अगले ही दिन 26 मई को गुप्त सूचना के आधार पर गैंग के एक और शातिर सदस्य विशाल कुमार को 1 देशी कट्टा और 2 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बक्सर में छुपा बैठा था सरगना दया दुबे, घेराबंदी कर दबोचा गया
पुलिस टीम लगातार गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही थी। इसी बीच 1 जून 2026 को पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला कि गैंग का मुख्य सरगना दया दुबे और उसका सबसे सक्रिय शूटर अभिषेक कुमार उर्फ अभि बक्सर जिले में छिपे हुए हैं। पटना पुलिस की टीम ने तुरंत बक्सर में छापेमारी कर दोनों को दबोच लिया। इनके पास से पुलिस ने 1 देशी कट्टा, 1 देशी पिस्तौल, 10 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल होने वाले 5 मोबाइल फोन बरामद किए। गिरफ्तार अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और इनके खिलाफ पटना व आस-पास के जिलों में हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं।
ढूंढ-ढूंढ कर अपराधियों को भेजेगी जेल : पश्चिमी एसपी भानु प्रताप सिंह
गैंग के सफाए के बाद पटना पश्चिमी एसपी भानु प्रताप सिंह ने कड़े लहजे में अपराधियों को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "यदि अपराधी अपराध का रास्ता नहीं छोड़ते हैं, तो पुलिस उन्हें पाताल से भी ढूंढकर उनके सही ठिकाने (जेल) पर भेजेगी।" इसके साथ ही एसपी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पुलिस अब इस गिरोह के सभी सदस्यों की अवैध चल-अचल संपत्तियों की गहन जांच करा रही है। इसके बाद कानून के तहत अपराधियों की अपराधजनित संपत्तियों को जब्त और कुर्क करने की अगली बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अनिल की रिपोर्ट