Patna Ganga Bridge: गंगा पर बिहार का नया विकास द्वार तैयार, कच्ची-दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल से पटना से राघोपुर की दूरी होगी चंद मिनटों की, जुलाई में पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

Patna Ganga Bridge: बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने वाला गंगा नदी पर बना कच्ची-दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल अब लगभग बनकर तैयार है।..

Bihar New Ganga Gateway 6 Lane Bridge Set for PM Modi Launch
गंगा पर बिहार का नया विकास द्वार तैयार- फोटो : social Media

Patna Ganga Bridge: बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने वाला गंगा नदी पर बना कच्ची-दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल अब लगभग बनकर तैयार है। इस ऐतिहासिक पुल के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई के आखिरी सप्ताह में वैशाली जिले के राघोपुर पहुंचकर इस बहुप्रतीक्षित पुल का उद्घाटन करेंगे।

इस पुल के शुरू होने के बाद पटना और उत्तर बिहार के बीच सफर बेहद आसान हो जाएगा। पटना से बिदुपुर की दूरी तय करने में अब घंटों का वक्त नहीं लगेगा, बल्कि सफर करीब 30 मिनट में पूरा हो सकेगा। वहीं, पटना से राघोपुर की दूरी महज कुछ मिनटों की रह जाएगी। इससे राघोपुर क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने और इसे पटना के उपनगर के रूप में विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

कच्ची-दरगाह-बिदुपुर सेतु सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि बदलते बिहार की नई तस्वीर के तौर पर देखा जा रहा है। पुल की सड़क बेहद चिकनी और सपाट बनाई गई है। इस पर वाहन आसानी से तेज रफ्तार से चल सकेंगे। निर्माण की गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक इस परियोजना की खासियत है।यह पुल पटना के कच्ची दरगाह को वैशाली जिले के बिदुपुर से जोड़ता है। गंगा नदी पर यह पटना के पास बनने वाला तीसरा बड़ा पुल है, जो दक्षिण बिहार को उत्तर बिहार से सीधे जोड़ेगा। आने वाले समय में दो और पुलों के निर्माण की योजना भी चल रही है।

कच्ची-दरगाह-बिदुपुर पुल की कुल लंबाई एप्रोच रोड समेत 19.76 किलोमीटर है। इसमें मुख्य पुल की लंबाई करीब 9.76 किलोमीटर और एप्रोच रोड करीब 10 किलोमीटर लंबी है। इस विशाल परियोजना में कुल 67 पिलर बनाए गए हैं।करीब 4,988 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह पुल भारत के सबसे लंबे 6 लेन नदी पुलों में शामिल है। इसकी डिजाइन बिहार की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। मानसून और गंगा के उफान के दौरान अधिकतम जलस्तर को ध्यान में रखते हुए पुल की ऊंचाई तय की गई है, ताकि इसके नीचे से बड़े जहाज भी आसानी से गुजर सकें।

पटना के गांधी मैदान से जेपी गंगा पथ होते हुए इस पुल तक पहुंचा जा सकता है। जेपी गंगा पथ से आगे बढ़ते ही यह आधुनिक पुल बिहार के विकास की नई कहानी बयां करता नजर आता है।कच्ची-दरगाह-बिदुपुर पुल के शुरू होने के बाद न सिर्फ यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग, पर्यटन और ग्रामीण इलाकों के विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी का नया अध्याय लिखने जा रही है।