Patna jackson hostel:जैक्सन और सीवी रमण हॉस्टल के छात्रों में हिंसक झड़प, बम फोड़कर मचाया दहशत, पटना पुलिस में हड़कंप

Patna jackson hostel: छात्रों के एक गुट ने बम विस्फोट कर पूरे इलाके को दहशत के साए में डाल दिया। बारूद की तेज आवाज से आसपास के लोग सहम गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।...

जैक्सन–सीवी रमण हॉस्टल विवाद में बम धमाका- फोटो : social Media

Patna jackson hostel: पटना में एक बार फिर छात्र राजनीति और आपसी रंजिश का खौफनाक चेहरा सामने आया है। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के लॉ कॉलेज घाट के पास मंगलवार की रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब छात्रों के एक गुट ने बम विस्फोट कर पूरे इलाके को दहशत के साए में डाल दिया। बारूद की तेज आवाज से आसपास के लोग सहम गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

घटना से पहले जैक्सन हॉस्टल और सीबी रमण हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट की नौबत आ गई थी। बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात एक कॉफी की दुकान पर किसी मामूली बात को लेकर दोनों हॉस्टलों के छात्रों में पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में तब्दील हो गई। लात-घूंसे चले, गालियां गूंजीं और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इस झड़प में एक छात्र को मामूली चोटें आईं।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। मारपीट की आग दिलों में सुलगती रही। थोड़ी ही देर बाद छात्रों का एक गुट दोबारा मौके पर पहुंचा और सीबी रमण हॉस्टल की दीवार के पास देसी बम फोड़ दिया। धमाके की आवाज से पूरे लॉ कॉलेज घाट इलाके में हड़कंप मच गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

सूचना मिलते ही डीएसपी राजकिशोर सिंह के नेतृत्व में सुल्तानगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी छात्र अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे। डीएसपी ने बताया कि बम विस्फोट से किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई है, लेकिन यह दहशत फैलाने की साजिश थी।

पुलिस का कहना है कि यह मामला दो हॉस्टलों के बीच का संगठित संघर्ष नहीं है, बल्कि चार-पांच छात्रों के आपसी विवाद से शुरू हुआ, जिसने बाद में जुर्म का शक्ल अख्तियार कर लिया। दहशत कायम करने के इरादे से ही बम विस्फोट किया गया। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

पुलिस इलाके में लगातार गश्त कर रही है और सीसीटीवी फुटेज व स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पटना में छात्रों के हाथों में बारूद पहुंचना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। बड़ा सवाल यही है कि आखिर शिक्षा के मंदिर में पढ़ने वाले छात्र कब जुर्म की राह छोड़ेंगे और कानून कब ऐसे सिरफिरे तत्वों पर सख्त नकेल कसेगा।