Bihar Crime: मोतिहारी जहरीली स्प्रिट कांड में यूपी तक पहुंची SIT की रेड, जहर का नेटवर्क बेनकाब, शराब माफिया पर कसने लगा शिकंजा
Bihar Crime:मोतिहारी में जहरीली शराब कांड ने एक बार फिर पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। इस जहर के सौदागरों के खेल में अब जांच की आंच सीधे उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुकी है।...
Bihar Crime:मोतिहारी में जहरीली शराब कांड ने एक बार फिर पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। इस जहर के सौदागरों के खेल में अब जांच की आंच सीधे उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुकी है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात द्वारा गठित SIT की बड़ी कार्रवाई में गाजियाबाद से स्प्रिट सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जहां एसएस केमिकल के मालिक सतीश चौधरी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह स्वीकार किया है कि जहरीली स्प्रिट की खेप मोतिहारी तक भेजी गई थी, जिससे इस पूरे ‘मौत के कारोबार’ की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। यह मामला अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक संगठित इंटरस्टेट केमिकल सप्लाई रैकेट की शक्ल ले चुका है। इस दर्दनाक कांड में अब तक मोतिहारी के रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्रों में 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। गांवों में मातम का माहौल है घर के घर उजड़ गए और चीखें अब भी हवा में गूंज रही हैं।
पुलिस ने समय रहते बड़ी कार्रवाई करते हुए पीपरा कोठी थाना क्षेत्र से लगभग 1500 लीटर जहरीली स्प्रिट की खेप जब्त की, जिसे अगर नहीं रोका जाता तो यह ‘मौत का कारोबार’ और भी बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकता था। इस कार्रवाई में कई शराब माफिया भी गिरफ्तार किए गए हैं।
एसपी स्वर्ण प्रभात की सख्ती के बाद तुरकौलिया थाना के थानेदार को निलंबित कर दिया गया है, जो इस पूरे मामले में लापरवाही के आरोपों के घेरे में थे। इसके अलावा एक चौकीदार सहित लगभग एक दर्जन शराब तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जिससे पुलिस प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि अब ‘जहर के कारोबार’ पर कोई रहम नहीं होगा। जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद मृतकों के परिजनों के बयान पर तुरकौलिया और रघुनाथपुर थानों में अलग-अलग हत्या की FIR दर्ज की गई है, जिससे यह मामला अब कानूनी रूप से भी बेहद गंभीर बन गया है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आ रहा है कि यह पूरा नेटवर्क एक सुनियोजित सप्लाई चेन की तरह काम कर रहा था, जिसमें केमिकल की अवैध सप्लाई, मिलावट और लोकल स्तर पर वितरण शामिल था। SIT अब इस पूरे नेटवर्क के फाइनेंशियल ट्रेल और सप्लाई रूट को खंगाल रही है। मोतिहारी का यह जहरीली शराब कांड अब सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि संगठित अपराध की परतें खोलने वाला बड़ा मामला बन चुका है। सवाल यही है आखिर कितने हाथ इस जहर के कारोबार में शामिल हैं, और कब तक यह मौत का खेल चलता रहेगा?
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार