Bihar Police:बिहार में बुर्के वाली पुलिस का छापा, गर्भवती का अवैध अबॉर्शन, रंगे हाथ दबोचे गए आरोपी

Bihar Police: गैरकानूनी तरीके से गर्भपात कराने वाले एक क्लिनिक का पुलिस ने नाटकीय अंदाज में खुलासा किया है।...

बिहार में बुर्के वाली पुलिस का छापा- फोटो : reporter

Bihar Police: पूर्णिया में  गैरकानूनी तरीके से गर्भपात कराने वाले एक क्लिनिक का पुलिस ने नाटकीय अंदाज में खुलासा किया है। प्रेम जाल में फंसाकर यौन शोषण करने और पांच माह की गर्भवती महिला का कथित तौर पर फर्जी क्लिनिक में अबॉर्शन कराने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। महिला थाना की डीएसपी शिवानी श्रेष्ठ के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कथित प्रेमी और डॉक्टर फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है।

बुर्का पहनकर क्लिनिक पहुंचीं महिला सिपाही, रंगे हाथ दबोचे गए आरोपी

मामले का खुलासा तब हुआ, जब पीड़िता ने वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को आवेदन देकर अपनी आपबीती बताई। महिला का आरोप था कि एक युवक ने उसे प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ यौन शोषण किया, जिसके बाद वह पांच माह की गर्भवती हो गई। आरोप है कि इसके बाद युवक उसे एक कथित फर्जी क्लिनिक में ले गया, जहां उसका गर्भपात करा दिया गया। शिकायत मिलने के बाद एसएसपी ने मामले की जांच महिला थाना की डीएसपी शिवानी श्रेष्ठ को सौंपी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए रणनीति तैयार की। बताया गया है कि दो महिला पुलिसकर्मियों को सादे लिबास में बुर्का पहनाकर संबंधित क्लिनिक भेजा गया। वहां संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

कटिहार और मधेपुरा के दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कटिहार निवासी दिलराज और मधेपुरा निवासी राकेश के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों की भूमिका कथित तौर पर दलाल और कंपाउंडर के रूप में बताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।

इस मामले में कथित प्रेमी और संबंधित डॉक्टर अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गर्भपात की प्रक्रिया किसकी देखरेख में कराई गई थी तथा क्लिनिक का संचालन किन लोगों द्वारा किया जा रहा था।

पांच माह के गर्भ का गर्भपात, जांच के घेरे में पूरा नेटवर्क

पांच माह की गर्भवती महिला का कथित गर्भपात इस मामले को गंभीर बना रहा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि संबंधित क्लिनिक के पास आवश्यक अनुमति थी या नहीं, गर्भपात की प्रक्रिया किन परिस्थितियों में कराई गई और इसमें अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं थी।डीएसपी शिवानी श्रेष्ठ के मुताबिक, मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस पीड़िता के आरोपों, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और फरार लोगों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।पूर्णिया में हुई इस कार्रवाई के बाद कथित अवैध गर्भपात के पूरे नेटवर्क पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब पुलिस की जांच से स्पष्ट होगा कि इस मामले में कौन-कौन शामिल था और कानून के तहत किन लोगों के विरुद्ध आगे कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट- अंकित कुमार