बिहार का सबसे चर्चित EO हत्याकांड, कबूलनामे के बाद भी बरकरार सस्पेंस, आरोपी की पत्नी ने बताई साजिश, अब SIT करेगी परत-दर-परत जांच

Bihar EO murder: रोहतास के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार हत्याकांड में हर दिन नए मोड़ सामने आ रहे हैं।...

कबूलनामे के बाद भी बरकरार सस्पेंस- फोटो : reporter

Bihar EO murder: रोहतास के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार हत्याकांड में हर दिन नए मोड़ सामने आ रहे हैं। मुख्य आरोपी और दिवंगत ईओ के चालक मिथिलेश कुमार के कथित कबूलनामे के बाद मामला सुलझता दिख रहा था, लेकिन अब आरोपी की पत्नी के गंभीर आरोपों ने पूरे प्रकरण को फिर सवालों के घेरे में ला दिया है। इसी बीच मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।

आरोपी की पत्नी आरती देवी ने दावा किया है कि उनके पति को एक सुनियोजित साजिश के तहत इस हत्याकांड में फंसाया गया है। उनका आरोप है कि पुलिस के दबाव में उनसे अपराध स्वीकार कराया गया। आरती देवी का कहना है कि उनके पति ने कभी भी घर पर कार्यस्थल को लेकर किसी तनाव या ईओ विमल कुमार के साथ विवाद की बात नहीं बताई थी। उनके अनुसार, मिथिलेश हमेशा अपने अधिकारी की कार्यशैली और व्यवहार की प्रशंसा करते थे। हालांकि, आरती देवी ने किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप नहीं लगाया, लेकिन उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होने पर वास्तविक सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि उनके पति एक साधारण परिवार से आते हैं और जेल जाने के बाद परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है।

इससे पहले मृतक ईओ विमल कुमार की पत्नी बबीता कुमारी भी हत्या के पीछे साजिश की आशंका जता चुकी हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और यदि किसी बड़े षड्यंत्र की भूमिका है तो सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए।

लगातार उठ रहे सवालों और विरोधाभासी दावों को देखते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। पुलिस के अनुसार, जांच केवल आरोपी के कथित कबूलनामे तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीकी साक्ष्य, फॉरेंसिक तथ्य, घटनास्थल से मिले प्रमाण, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और सभी परिस्थितियों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा। फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में एक ओर आरोपी का कथित कबूलनामा है, तो दूसरी ओर आरोपी और मृतक—दोनों परिवारों की ओर से साजिश की आशंका जताई गई है। ऐसे में अब पूरे मामले की नजर SIT की निष्पक्ष जांच पर टिकी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हत्या व्यक्तिगत कारणों का परिणाम थी या इसके पीछे कोई व्यापक साजिश थी।

रिपोर्ट- रंजन सिंह राजपूत