छपरा में फिर राजधानी एक्सप्रेस को बेपटरी करने की साजिश विफल, एफएसएल समेत कई एजेंसियां अलर्ट, संदिग्धों की तलाश तेज
कुछ ही दिनों के भीतर दूसरी बार राजधानी एक्सप्रेस के सामने रेलवे ट्रैक पर भारी पानी की टंकी रखे जाने की घटना के बाद रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया है। ...
Bihar Crime: सारण जिले के रिविलगंज थाना क्षेत्र में राजधानी एक्सप्रेस को कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ ही दिनों के भीतर दूसरी बार राजधानी एक्सप्रेस के सामने रेलवे ट्रैक पर भारी पानी की टंकी रखे जाने की घटना के बाद रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी), स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीमें संयुक्त रूप से जांच में जुट गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान कर जल्द कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जाएगा।
रविवार को एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। रेलवे ट्रैक और उसके आसपास से कई अहम नमूने एकत्र किए गए। साथ ही उस मकान की छत की भी वैज्ञानिक जांच की गई, जहां रखी नीले रंग की सिंटेक्स पानी की टंकी को ट्रैक पर लाए जाने की आशंका जताई जा रही है। विजय राय के टोला स्थित मकान से भी कई साक्ष्य जुटाए गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतनी भारी टंकी को किस तरह नीचे उतारा गया और इस पूरी वारदात में कितने लोग शामिल थे।सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने रिविलगंज थाना पुलिस को हर पहलू से जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं रेल एसपी वीणा कुमारी के निर्देश पर एफएसएल टीम को मौके पर भेजा गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि फॉरेंसिक जांच से ऐसे सुराग मिल सकते हैं, जिनसे इस पूरी घटना की परतें खुलेंगी।
घटना शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है, जब डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस गौतम स्थान रेलवे स्टेशन के पश्चिमी ढाला के पास पहुंची। इसी दौरान इंजन रेलवे ट्रैक पर रखी भारी पानी की टंकी से टकरा गया। टक्कर के बाद टंकी इंजन के अगले हिस्से में फंस गई, लेकिन लोको पायलट ने अद्भुत सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। उनकी सतर्कता से संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया और सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि अज्ञात लोगों ने गांव के एक मकान की छत से सिंटेक्स की टंकी उतारकर रेलवे ट्रैक पर रख दी थी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह महज शरारत थी या किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इतनी भारी टंकी को ट्रैक तक पहुंचाने में कितने लोग शामिल थे और उनका उद्देश्य क्या था।
रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि जांच के दौरान कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और स्थानीय स्तर पर जुटाई जा रही सूचनाओं के आधार पर जल्द पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, घटना के समय अप और डाउन दोनों लाइनों पर महत्वपूर्ण ट्रेनों का आवागमन निर्धारित था। ऐसे में मुख्य रेलवे ट्रैक पर भारी पानी की टंकी का रखा जाना बेहद गंभीर सुरक्षा चुनौती माना जा रहा है। यदि लोको पायलट समय रहते ट्रेन नहीं रोकते, तो बड़ा रेल हादसा हो सकता था।
घटना के बाद रेलवे ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। रात्रि गश्त तेज कर दी गई है और ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या पुलिस को दें।
फिलहाल इस मामले में छपरा जीआरपी और रिविलगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं—सुनियोजित साजिश, असामाजिक तत्वों की संलिप्तता और रेलवे सुरक्षा में सेंध की गंभीरता से पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और वैज्ञानिक जांच के आधार पर पूरे मामले का जल्द पर्दाफाश किया जाएगा।
रिपोर्ट- धर्मेंद्र रस्तोगी