Bihar Crime: सीवान में इंसाफ के नाम पर सरेराह बेइज्जती, घर से घसीटकर अर्धनग्न किया, इलाके में रोष

Bihar Crime: सीवान के आंदर थाना क्षेत्र के उज्जैन बंगरा गांव से सामने आया एक वायरल वीडियो इंसानियत और कानून-व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ...

इंसाफ के नाम पर सरेराह बेइज्जती- फोटो : social Media

Bihar Crime: सीवान के आंदर थाना क्षेत्र के उज्जैन बंगरा गांव से सामने आया एक वायरल वीडियो इंसानियत और कानून-व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में कुछ युवक एक व्यक्ति को उसके घर से जबरन बाहर निकालते, अर्धनग्न हालत में सड़क पर ले जाते और उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर एक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पीड़ित की पहचान उज्जैन बंगरा निवासी संतोष सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले संतोष सिंह ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर और दलित समाज को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस कथित टिप्पणी के बाद गांव के कुछ लोगों में नाराजगी थी। आरोप है कि इसी नाराजगी ने बाद में कानून हाथ में लेने की शक्ल ले ली।

आरोप है कि वीडियो बनाए जाने के अगले दिन कुछ युवक संतोष सिंह के घर पहुंच गए। उस वक्त वह कथित तौर पर अंडरवियर में घर के भीतर बैठे थे। युवकों ने उन्हें जबरन घर से बाहर निकाला और थप्पड़ मारते हुए धक्का देकर सड़क की ओर ले गए। इसके बाद रास्ते में मौजूद लोगों के बीच उनके साथ कथित तौर पर लगातार गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया।पूरे घटनाक्रम का किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया। रविवार शाम यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मामला पुलिस तक पहुंचा। वायरल फुटेज में संतोष सिंह भीड़ से यह कहते सुनाई देते हैं कि वह नशे में थे और नशे की हालत में कुछ बोल गए थे। हालांकि, भीड़ उनकी सफाई सुनने को तैयार नजर नहीं आती।

घटना के दौरान संतोष सिंह के साथ मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई है। बाद में गांव के कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति शांत कराई और उन्हें वापस घर भेज दिया। वीडियो सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि किसी व्यक्ति के बयान से नाराजगी चाहे जितनी हो, क्या भीड़ को खुद ही ‘सजा’ देने का अधिकार मिल जाता है?कानून किसी आरोपी या विवादित बयान देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तय करता है। लेकिन यहां आरोप है कि कुछ लोगों ने पुलिस और अदालत की भूमिका खुद अपने हाथ में ले ली। घर में घुसकर किसी व्यक्ति को जबरन बाहर निकालना, उसके साथ सार्वजनिक रूप से दुर्व्यवहार करना और मारपीट करना गंभीर आरोप हैं।

आंदर थाना पुलिस को घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मिली। संतोष सिंह ने थाने पहुंचकर लिखित आवेदन दिया, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने गांव पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू की और एक युवक को गिरफ्तार कर लिया।आंदर थानाध्यक्ष सुनील कुमार के मुताबिक पुलिस को घटना की पहले से जानकारी नहीं थी। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित ने आवेदन दिया, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।अब पुलिस वायरल वीडियो, पीड़ित के बयान और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और पूरे घटनाक्रम की तफ्तीश कर रही है। मामला सिर्फ एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का नहीं, बल्कि उसके बाद भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने के आरोप का भी है।