Bihar Crime: एक लोटा पानी के लिए कत्ल, कुदाल के वार से बुझ गई जिंदगी, आरोपी परिवार समेत फरार

Bihar Crime: मामूली सी बात पर भड़के गुस्से ने एक शख्स की जान ले ली और एक परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे दिया।...

एक लोटा पानी के लिए कत्ल- फोटो : News4Nation

Bihar Crime: मामूली सी बात पर भड़के गुस्से ने एक शख्स की जान ले ली और एक परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे दिया। हैरानी की बात यह है कि यह खूनी वारदात किसी जमीन-जायदाद या बड़े विवाद को लेकर नहीं, बल्कि एक लोटा पानी को लेकर हुई। वैशाली जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने इंसानी रिश्तों, सब्र और सामाजिक मर्यादाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 

घटना वैशाली थाना क्षेत्र के सुभई गांव की है। बताया जाता है कि गांव निवासी चन्देश्वर महतो ने अपने घर के सामने सरकारी सड़क पर एक लोटा पानी से पैर धो लिया था। बस यही बात उनके पड़ोसी और रिश्तेदार ललन महतो को नागवार गुजर गई। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप धारण कर लिया और गुस्से से बेकाबू ललन महतो ने कुदाल उठाकर चन्देश्वर महतो के सिर पर जानलेवा वार कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी का गुस्सा यहीं नहीं थमा। उसने घर की महिलाओं और लड़कियों के साथ भी मारपीट शुरू कर दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह मामला शांत कराया गया, लेकिन तब तक चन्देश्वर महतो गंभीर रूप से जख्मी हो चुके थे।

घायल चन्देश्वर को पहले वैशाली पीएचसी ले जाया गया, जहां से उनकी नाजुक हालत को देखते हुए हाजीपुर रेफर किया गया। बाद में उन्हें पटना के पीएमसीएच भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।

वारदात के बाद आरोपी ललन महतो अपने परिवार के साथ घर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। गांव वालों का कहना है कि आज के दौर में गुस्सा और आवेश इंसान को इस कदर अंधा बना रहा है कि रिश्ते-नाते और इंसानियत सब पीछे छूट जा रहे हैं। परिजन आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तहकीकात में जुटी है, लेकिन एक लोटा पानी के लिए हुई यह हत्या लंबे समय तक लोगों के जेहन में सवाल बनकर गूंजती रहेगी कि आखिर इंसानी जिंदगी की कीमत इतनी सस्ती कैसे हो गई।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार