शिक्षा क्रांति की ओर बिहार का ऐतिहासिक कदम: 695 आदर्श विद्यालय, 25,220 स्मार्ट क्लास और 2,577 ICT लैब्स से बदलेगी तस्वीर

बिहार की शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल क्रांति लाने के लिए राज्य सरकार 'सात निश्चय-3' के तहत 695 स्कूलों को अत्याधुनिक 'सरस्वती विद्या निकेतन' (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित करने जा रही है....

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिले बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी- फोटो : धीरज सिंह

Delhi : बिहार की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक और आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से शिष्टाचार भेंट की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान श्री तिवारी ने बिहार सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे अभूतपूर्व नवाचारों, आधुनिकीकरण और आगामी महत्वाकांक्षी योजनाओं से केंद्रीय मंत्री को विस्तारपूर्वक अवगत कराया।


सात निश्चय-3 के तहत 'सरस्वती विद्या निकेतन' योजना की शुरुआत

बिहार सरकार के 'सात निश्चय-3' (2025–30) के अंतर्गत "उन्नत शिक्षा – उज्ज्वल भविष्य" की संकल्पना को साकार करने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इसके तहत राज्य के सभी जिला स्कूलों और प्रत्येक ब्लॉक के एक-एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को मिलाकर कुल 540 स्कूलों को 'सरस्वती विद्या निकेतन' (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, पहले से चल रहे 155 राजकीय विद्यालयों को भी इसमें शामिल किया जाएगा, जिससे राज्य में कुल 695 आदर्श विद्यालय तैयार होंगे।


बिहार बनेगा देश का शिक्षा मॉडल: मिथिलेश तिवारी

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार सरकार की यह प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का हर बच्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे। 'सरस्वती विद्या निकेतन' योजना इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कुशल नेतृत्व में बिहार जल्द ही देश का 'शिक्षा मॉडल राज्य' बनकर उभरेगा।


डिजिटल पढ़ाई के लिए 25 हजार से ज्यादा स्मार्ट क्लास और ICT लैब्स

श्री तिवारी ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य सरकार शिक्षा के आधुनिकीकरण के लिए एक बहुआयामी डिजिटल कार्यक्रम पर काम कर रही है। इसके तहत बिहार के स्कूलों में तकनीक-सक्षम अध्यापन को बढ़ावा देने के लिए 25,220 स्मार्ट क्लास रूम स्थापित और संचालित किए जाएंगे। साथ ही डिजिटल शिक्षा को ग्रामीण स्तर तक पहुँचाने के लिए राज्य में कुल 2,577 ICT Labs का अधिष्ठापन और संचालन प्रस्तावित है।


व्यावसायिक शिक्षा पर जोर, केंद्रीय मंत्री ने की सराहना

रोजगारपरक और कौशल विकास आधारित शिक्षा के लिए प्रत्येक ब्लॉक के दो विद्यालयों का चयन करते हुए कक्षा 9वीं से 12वीं तक के कुल 1,068 स्कूलों में 'व्यावसायिक शिक्षा प्रयोगशालाओं' (Vocational Education Labs) की स्थापना की जाएगी। बिहार सरकार की यह पूरी पहल 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020' (NEP 2020) के अनुरूप है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बिहार सरकार के इन क्रांतिकारी प्रयासों की जमकर सराहना की और केंद्र की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।


धीरज सिंह की रिपोर्ट