20 दिनों से परिदृश्य से ओझल हैं राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति पर उठे सवाल
लोकसभा मे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। राहुल गांधी पिछले करीब 20 दिनों से राजनीतिक और सार्वजनिक परिदृश्य से पूरी तरह ओझल हैं। उनकी इस रहस्यमयी अनुपस्थिति ने देश के राजनीतिक माहौल में एक बड़ा सस्पेंस खड़ा कर दिया है...
N4N Desk : भारतीय राजनीति के गलियारों में इस समय विपक्ष के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक और लोकसभा मे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। राहुल गांधी पिछले करीब 20 दिनों से राजनीतिक और सार्वजनिक परिदृश्य से पूरी तरह ओझल हैं। इस लंबी अवधि के दौरान न तो वे किसी सार्वजनिक मंच या राजनीतिक कार्यक्रम में नजर आए हैं और न ही उनकी कोई नई तस्वीर सामने आई है। उनकी इस रहस्यमयी अनुपस्थिति ने देश के राजनीतिक माहौल में एक बड़ा सस्पेंस खड़ा कर दिया है और सत्ता पक्ष से लेकर आम जनता तक के मन में कई सवाल तैर रहे हैं।
कांग्रेस के कई बड़े कार्यक्रम हुए स्थगित
इस लंबी अनुपस्थिति का असर कांग्रेस के सांगठनिक कार्यक्रमों पर भी देखने को मिला है। सत्ता पक्ष के अनुसार, राहुल गांधी का 10 जुलाई को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होने वाला एक बड़ा कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। इसके साथ ही बिहार की राजधानी पटना में भी उनके लिए एक विशेष राजनीतिक कार्यक्रम निर्धारित था, जिसे फिलहाल आगे के लिए टाल दिया गया है। इन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के टलने की वजह से राजनीतिक पंडित भी राहुल गांधी के इस अचानक ब्रेक को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने किया बचाव, विदेश दौरे का हवाला
दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी और उसके वरिष्ठ नेताओं ने अपने शीर्ष नेता का पुरजोर बचाव किया है। कांग्रेस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नेता प्रतिपक्ष एक पूर्व निर्धारित निजी और राजनीतिक विदेश दौरे पर हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि हर राजनेता को अपने व्यक्तिगत जीवन और व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय के लिए निजता का अधिकार है। इसके साथ ही कांग्रेस ने भाजपा के 'साजिश' वाले आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सत्ता पक्ष की बौखलाहट और ध्यान भटकाने की राजनीति करार दिया है।
मानसून सत्र से पहले बढ़ेगी सियासी तपिश
भले ही राहुल गांधी इस समय देश में मौजूद नहीं हैं, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक #WhereIsRahul जैसे सवाल तैर रहे हैं। आगामी 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है, जिसमें विपक्षी गठबंधन राम मंदिर दान विवाद, नीट (NEET) और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्र की शुरुआत से पहले राहुल गांधी की वतन वापसी होगी, लेकिन तब तक उनकी यह अनुपस्थिति देश के सियासी पारे को लगातार बढ़ाए रखेगी।