दिल्ली में रक्षाबंधन मना रहा लालू परिवार, मीसा भारती के आवास पर राजद सुप्रीमो के सभी बेटे-बेटी का हुआ है जुटान

दिल्ली में रक्षाबंधन मना रहा लालू परिवार- फोटो : धीरज सिंह

Delhi : आज पूरे देश मे रक्षाबंधन का त्योहार पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इधर लालू प्रसाद की बड़े बेटी व सांसद मीसा भारती के आवास पर पूरे परिवार का जुटान हुआ है। राजद सुप्रीमो के सभी बेटे-बेटी एकजुट हुए है। जहां बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव भी मौजूद है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है दोनो भाईयों की कलाई पर बहने राखी बांध रही हैं। 


सांसद मीसा भारती ने परिवार के साथ त्योहार मनाने को लेकर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी रक्षाबंधन का पर्व पूरा परिवार एक साथ मिलकर दिल्ली में ही मना रहा। इस पावन मौके पर परिवार के सभी सदस्य एक जगह एकत्र होकर खुशियां साझा कर रहें है।


दिल्ली के आसपास हुई है अधिकतर बहनों की शादी 

मीडिया से बातचीत के दौरान मीसा भारती ने कहा कि उनकी अधिकतर बहनों की शादी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में ही हुई है। इसी वजह से रक्षाबंधन पर सभी बहनों का एक स्थान पर जुटना आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक परंपरा के अनुसार हर वर्ष इस त्यौहार को बेहद उत्साह और प्रेम के साथ मनाया जाता है।


हर साल दिल्ली पहुंचते हैं भाई 

आरजेडी सांसद ने बताया कि रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर उनके भाई हमेशा दिल्ली आते हैं। इस दिन सभी बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य व सफलता की कामना करती हैं। वहीं भाई भी अपनी बहनों को सुरक्षा और सदैव साथ निभाने का वचन देते हैं।


एक साथ मिलकर पर्व मनाता है पूरा परिवार 

मीसा भारती ने आगे कहा कि लालू परिवार में रक्षाबंधन के त्यौहार का एक अलग ही महत्व है। इस दिन पूरा परिवार एक साथ बैठता है और पूरे रीति-रिवाज के साथ पर्व की खुशियां मनाता है। व्यस्त राजनीतिक जीवन और जिम्मेदारियों के बावजूद परिवार के सभी सदस्य इस खास दिन के लिए समय जरूर निकालते हैं।



पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करता है यह पर्व 

दिल्ली में होने वाले इस पारिवारिक मिलन को लेकर सभी सदस्यों में काफी उत्साह रहता है। रक्षाबंधन के दिन घर में उत्सव जैसा माहौल बना रहता है, जहां मिठाइयों और राखियों के साथ-साथ परिवार की पुरानी यादें भी ताज़ा होती हैं। 


धीरज सिंह की रिपोर्ट