Shardiya Navratri: इस बार नवरात्र में10 दिनों तक गूंजेंगे वेदमंत्र, मां दुर्गा का आगमन और प्रस्थान होगा गजराज पर, जानिए घटस्थापना और विजयादशमी का संपूर्ण शास्त्रीय विधान

Shardiya Navratri: आद्यशक्ति भगवती दुर्गा की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र इस वर्ष अत्यंत दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोगों के साथ प्रारंभ हो रहा है। ..

नवरात्र में10 दिनों तक गूंजेंगे वेदमंत्र,- फोटो : social Media

Shardiya Navratri: आद्यशक्ति भगवती दुर्गा की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र इस वर्ष अत्यंत दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोगों के साथ प्रारंभ हो रहा है। शास्त्रानुसार इस बार नवरात्र का शुभारंभ 11 अक्टूबर, रविवार को हो रहा है। इस पावन अवसर पर चित्रा नक्षत्र, वैधृति योग, द्विपुष्कर योग, बव करण एवं तुला लग्न की परम पवित्र उपस्थिति रहेगी, जिसमें विधि-विधान से कलश स्थापना  निष्पादित की जाएगी।

ज्योतिष शास्त्र एवं धर्मशास्त्रीय परंपरा के अनुसार, नवरात्र की अवधि में तिथि का वर्धन अथवा विस्तार अत्यंत कल्याणकारी और समृद्धिदायक माना जाता है। इस वर्ष अष्टमी तिथि की द्विरुक्ति (दो दिन व्याप्ति) के कारण शारदीय नवरात्र नौ दिनों के स्थान पर संपूर्ण 10 दिनों की होगी। दशाह (दस दिनों) तक गृहांगनों एवं विशाल पूजा-पंडालों में जगज्जननी मां दुर्गा के नव स्वरूपों की षोडशोपचार पूजन-अर्चन और अलौकिक वेदमंत्रों की ध्वनि गुंजायमान रहेगी।

तिथि निर्णय और विजयादशमी का शास्त्रीय विधान

पंचांगीय गणना के अनुसार 20 अक्टूबर को सूर्योदय काल में नवमी तिथि विद्यमान रहेगी, जिसके उपरांत दशमी तिथि का प्रवेश होगा। सनातन धर्मशास्त्रीय परंपरा में पर्वों का निर्णय केवल अंग्रेजी कैलेंडर की तिथियों से नहीं, अपितु उदया तिथि, सूर्योदयकालीन व्याप्ति तथा शास्त्रीय सिद्धान्तों के आधार पर किया जाता है। अतः उदया तिथि की प्रामाणिकता और शास्त्रीय मान्यता का अनुपालन करते हुए विजयादशमी का पावन पर्व 21 अक्टूबर को सोल्लास मनाया जाएगा।

मां दुर्गा का वाहन: गजराज पर आगमन और गमन

देवी भागवत पुराण के अनुवचन के अनुसार, इस वर्ष भगवती दुर्गा का आगमन और गमन (विदाई) दोनों ही ऐरावत-सदृश हाथी पर हो रहा है। शास्त्रवचन है कि जब देवी का आगमन और प्रस्थान गज पर होता है, तो वह राष्ट्र और जनमानस के लिए अत्यंत शुभ, सुख-समृद्धि, आर्थिक अभ्युदय एवं प्रचुर वर्षा का सूचक होता है। इस दिव्य संयोग से समस्त धरा पर खुशहाली और ऐश्वर्य का प्रसार होगा।