बिहार में सक्षमता परीक्षा का अध्याय समाप्त,रिजल्ट जारी, 30 फीसदी शिक्षक हुए सफल, राज्यकर्मी बनने की अंतिम परीक्षा खत्म, अब नहीं होगा दूसरा इम्तिहान, नियोजित शिक्षक पर भी फैसला
Bihar Teachers Result 2026: बिहार में स्थानीय निकाय के शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की बहुचर्चित और सियासी तौर पर अहम सक्षमता परीक्षा का आखिरी अध्याय अब मुकम्मल हो गया है।
Bihar Teachers Result 2026: बिहार में स्थानीय निकाय के शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की बहुचर्चित और सियासी तौर पर अहम सक्षमता परीक्षा का आखिरी अध्याय अब मुकम्मल हो गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने मंगलवार को पांचवीं एवं अंतिम सक्षमता परीक्षा-2026 का परिणाम जारी कर दिया। इस नतीजे के साथ ही राज्य सरकार की वह पूरी प्रक्रिया समाप्त हो गई, जिसके जरिए नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने का रास्ता तय किया गया था।
बिहार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. एस.एम. त्यागराजन ने परिणाम जारी करते हुए बताया कि 5 से 8 जून 2026 के बीच आयोजित इस परीक्षा में 14,512 शिक्षक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें 4,353 शिक्षक सफल घोषित किए गए हैं। इस तरह परीक्षा का कुल उत्तीर्णता प्रतिशत लगभग 30 फीसदी रहा। सफल अभ्यर्थियों में 1,870 पुरुष और 2,483 महिला शिक्षक शामिल हैं, जिससे यह भी साफ हुआ कि इस बार महिला शिक्षकों का प्रदर्शन पुरुषों की तुलना में अधिक बेहतर रहा।
सियासी गलियारों में इस परीक्षा को सरकार की बड़ी प्रशासनिक कवायद और चुनावी वादों से जुड़े अहम फैसले के रूप में देखा जा रहा है। राज्य सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि स्थानीय निकाय के शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के लिए कुल पांच सक्षमता परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। अब पांचवीं परीक्षा के परिणाम के साथ यह सिलसिला पूरी तरह खत्म हो गया है। पांचों परीक्षाओं को मिलाकर कुल 2,71,133 शिक्षक अभ्यर्थी सफलता हासिल कर चुके हैं, जिन्हें राज्यकर्मी बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
हालांकि बोर्ड अध्यक्ष ने साफ लफ्ज़ों में यह भी ऐलान किया कि जो शिक्षक इस अंतिम परीक्षा में भी सफल नहीं हो सके, उनके लिए फिलहाल किसी नई सक्षमता परीक्षा का कोई प्रावधान नहीं है। यानी अब असफल अभ्यर्थियों के लिए आगे का रास्ता लगभग बंद हो गया है, जिससे हजारों शिक्षकों के बीच मायूसी का माहौल भी देखने को मिल सकता है।नियोजित शिक्षक बने रहेंगे, लेकिन उनके राज्यकर्मी बनने का रास्ता बंद हो चुका है।
वर्गवार परिणाम पर नजर डालें तो कक्षा 1 से 5 के लिए सबसे अधिक 13,235 शिक्षक परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें 3,868 सफल रहे। इस वर्ग में सफलता दर 29.23 प्रतिशत रही। वहीं कक्षा 6 से 8 में 781 में से 313 शिक्षक सफल हुए और यहां 40.08 प्रतिशत सफलता दर्ज की गई, जो सभी वर्गों में सबसे अधिक रही। कक्षा 9 से 10 में 367 में से 122 शिक्षक सफल हुए और सफलता दर 33.24 प्रतिशत रही। जबकि कक्षा 11 से 12 में 129 अभ्यर्थियों में से 50 शिक्षक सफल घोषित किए गए, जहां सफलता प्रतिशत 38.76 फीसदी रहा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि जारी किया गया परिणाम औपबंधिक (प्रोविजनल) है। परीक्षा में सफल सभी शिक्षकों की अब शिक्षा विभाग द्वारा काउंसलिंग कराई जाएगी। काउंसलिंग का विस्तृत कार्यक्रम, दिशा-निर्देश और आवश्यक प्रक्रिया जल्द ही अलग से जारी की जाएगी। काउंसलिंग पूरी होने के बाद ही राज्यकर्मी का दर्जा देने की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
यह फैसला सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से नियोजित शिक्षक राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन करते रहे थे। अब पांचों सक्षमता परीक्षाओं का दौर समाप्त होने के साथ सरकार अपने इस वादे को पूरा करने का दावा कर रही है, जबकि विपक्ष असफल शिक्षकों के भविष्य और आगे की नीति को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है। आने वाले दिनों में काउंसलिंग और नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी राजनीतिक निगाहें टिकी रहेंगी।