Bihar Education News: शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, अब ई-शिक्षा कोष में हुआ बड़ा बदलाव, जवाबदेही का ये है नया अध्याय, जान लीजिए

Bihar Education News: बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन को मजबूत करने के लिए एक अहम और दूरगामी फैसला लिया है।...

शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन- फोटो : reporter

Bihar Education News: बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन को मजबूत करने के लिए एक अहम और दूरगामी फैसला लिया है। अब सिर्फ शिक्षक ही नहीं, बल्कि स्कूलों में कार्यरत लिपिक और परिचारी भी पूरी तरह डिजिटल निगरानी के दायरे में आ गए हैं। उनकी उपस्थिति अब सीधे ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। यह कदम व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब तक जहां केवल शिक्षकों की हाजिरी ऑनलाइन होती थी, वहीं नए आदेश के बाद पूरे गैर-शैक्षणिक तंत्र को भी इस सिस्टम से जोड़ा जा रहा है।

बेतिया जिला स्तर पर इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए स्थापना संभाग के डीपीओ कुमार अनुभव ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अगले तीन दिनों के भीतर अपने सभी कर्मियों का विस्तृत डाटा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। यह डेटा आगे की ऑनलाइन प्रणाली का आधार बनेगा। सूत्रों के मुताबिक, इस व्यवस्था के लागू होने के बाद वेतन भुगतान और सेवा रिकॉर्ड सीधे ऑनलाइन उपस्थिति से लिंक हो जाएंगे। यानी अब हाज़िरी नहीं तो तनख्वाह नहीं का सख्त संदेश सिस्टम में साफ दिखाई देगा।

ई-शिक्षा कोष पोर्टल के जरिए सभी कर्मचारियों की नियमित मॉनिटरिंग संभव होगी, जिससे स्कूलों में उपस्थिति व्यवस्था पर कड़ा नियंत्रण रहेगा। शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश का पालन न करने पर संबंधित प्रधानाध्यापक और कर्मियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाने की ओर इशारा करती है।

इस फैसले के बाद स्कूलों में कार्यरत क्लर्क और परिचारी वर्ग में हलचल और बेचैनी देखी जा रही है। कई लोग इसे पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे “कड़ी निगरानी व्यवस्था” के रूप में देख रहे हैं। कुल मिलाकर यह निर्णय बिहार की शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल सुधार और जवाबदेही की एक नई इबारत लिखता नजर आ रहा है, जहां हर कर्मी अब सिस्टम की नजर में होगा और हर उपस्थिति का हिसाब डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा।