फर्जी डिग्री पर सरकारी नौकरी का खेल खत्म, जहानाबाद की शिक्षिका पर FIR, शिक्षा मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
Bihar Fake Teacher: बिहार के जहानाबाद जिले में सरकारी नौकरी में फर्जीवाड़े का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। ....
Bihar Fake Teacher: बिहार के जहानाबाद जिले में सरकारी नौकरी में फर्जीवाड़े का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग की जांच में कन्या प्राथमिक विद्यालय, भारथू में कार्यरत पंचायत शिक्षिका दिव्या कुमारी का मैट्रिक अंकपत्र संदिग्ध ही नहीं बल्कि फर्जी पाया गया है। इस खुलासे के बाद शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है और सरकारी नियुक्तियों की पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रमाणपत्र सत्यापन अभियान के दौरान दिव्या कुमारी के मैट्रिक प्रमाणपत्र की जांच कराई गई थी। जांच के क्रम में ओडिशा के कटक स्थित बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन से प्राप्त रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि शिक्षिका के मैट्रिक प्रमाणपत्र का क्रमांक उसके आधिकारिक टेबुलेशन रजिस्टर में दर्ज ही नहीं है। यानी जिस दस्तावेज के आधार पर सरकारी सेवा हासिल की गई, उसकी वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रारंभिक जांच में मामला कूटरचित शैक्षणिक प्रमाणपत्र के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने का प्रतीत होने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इस संबंध में दिव्या कुमारी के खिलाफ घोसी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अब पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटे हैं। बिहार में फर्जी शिक्षकों और जाली प्रमाणपत्रों के जरिए नौकरी पाने के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इसी मुद्दे पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि विभाग लंबे समय से ऐसे मामलों की जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी, जो भविष्य में दूसरों के लिए नज़ीर बने।
शिक्षा मंत्री ने साफ कहा कि शिक्षा विभाग किसी भी तरह के फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं करेगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अभी कई मामलों की जांच लंबित है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। साथ ही भविष्य की सभी नियुक्तियों में प्रमाणपत्रों का गहन सत्यापन पहले ही सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि जालसाजी के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने वालों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
रिपोर्ट- रंजीत कुमार