Bihar Education News: स्कूलों की मनमानी पड़ी भारी! अभिभावक-शिक्षक बैठक की रिपोर्ट गायब, शिक्षा विभाग ने जारी किया ये कड़ा निर्देश

Bihar Education News: सरकारी स्कूलों में आयोजित पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग (पीटीएम) की रिपोर्ट और तस्वीरें शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड नहीं करने वाले विद्यालय अब विभाग की रडार पर आ गए हैं। ...

स्कूलों की मनमानी पड़ी भारी! - फोटो : X

Bihar Education News: सरकारी स्कूलों में आयोजित पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग (पीटीएम) की रिपोर्ट और तस्वीरें शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड नहीं करने वाले विद्यालय अब विभाग की रडार पर आ गए हैं। एक महीने की मियाद पूरी होने को है, लेकिन जिले के आधे से अधिक विद्यालयों ने अब तक आयोजन का ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज नहीं किया है। इस लापरवाही को लेकर शिक्षा महकमे में हलचल तेज हो गई है।

पिछले महीने 9 तारीख को प्रदेश के सभी सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में हमारा बच्चा-हमारी जिम्मेदारी विषय पर अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) आयोजित की गई थी। विभाग इसे अपनी अहम और महत्वाकांक्षी पहल मान रहा है। मकसद था कि बच्चों की तालीम, उनकी कमजोरियों, रुचियों और पढ़ाई में अभिभावकों की भागीदारी का वास्तविक जायजा लिया जा सके।

मगर अब इस पूरे मामले में रिपोर्ट अपलोड नहीं करने वाले विद्यालयों की भूमिका सवालों के घेरे में है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 50 प्रतिशत से ज्यादा स्कूलों ने न तो आयोजन की रिपोर्ट पोर्टल पर डाली है और न ही तस्वीरें अपलोड की हैं। ऐसे में यह शुब्हा भी पैदा हो रहा है कि कहीं कुछ विद्यालयों में पीटीएम सिर्फ कागजों तक ही तो सीमित नहीं रही।

शिक्षा विभाग ने जिले में तैनात अधिकारियों को हिदायत दी है कि वे संबंधित विद्यालयों से जवाब-तलब करें और पूरी स्थिति की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। विभाग यह तस्दीक करना चाहता है कि पीटीएम का आयोजन वास्तव में हुआ था या नहीं। तस्वीरें और रिपोर्ट इसी जांच की अहम कड़ी मानी जा रही हैं।

विभाग को मिली रिपोर्टों के आधार पर यह भी आकलन किया जाएगा कि अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर कितने गंभीर हैं, शिक्षक किस तरह सहयोग कर रहे हैं और किन विषयों में छात्र कमजोर या ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसी आधार पर आगे की रणनीति और आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। सरकारी स्कूलों में निजी विद्यालयों की तर्ज पर शुरू की गई यह पहल अब रिपोर्ट अपलोड नहीं करने वाले विद्यालयों के लिए मुसीबत का सबब बन सकती है।