फिल्ममेकर एमएम बेग का निधन, घर से बदबू आने पर खुला दरवाजा तो मिला शव, ऋतिक रोशन के थे मेंटोर
बेबी गुड्डू के पिता और दिग्गज फिल्ममेकर एम. एम. बेग का 70 साल की उम्र में निधन हो गया। वे मुंबई के घर में मृत पाए गए। इसके अलावा उन्होंने ऋतिक रोशन की भी एक्टिंग सीखने में मदद की थी।
N4N desk -: हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर एम. एम. बेग अब हमारे बीच नहीं रहे। 70 वर्षीय बेग अपने घर में मृत पाए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि उनके निधन की खबर तब लगी जब उनके बंद घर से पड़ोसियों को बदबू आने लगी। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद उनकी मौत का खुलासा हुआ।
कैसे हुआ निधन? 5 दिनों तक घर में पड़ा रहा शव
पब्लिसिस्ट हनीफ जावेरी के अनुसार, बेग साहब पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और घर पर अकेले रहते थे। जब 4-5 दिनों तक वे घर से बाहर नहीं निकले और पड़ोसियों को तेज दुर्गंध आने लगी, तब पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर उनका शव बरामद हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेजा गया और उनकी बेटी को सूचित किया गया।
ऋतिक रोशन के थे मेंटोर, बेबी गुड्डू के पिता के रूप में पहचान
एम. एम. बेग को फिल्म इंडस्ट्री में उनके शांत स्वभाव और समर्पण के लिए जाना जाता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऋतिक रोशन के डेब्यू से पहले बेग साहब ने उन्हें डिक्शन, वॉइस मॉड्यूलेशन और डायलॉग प्रैक्टिस की ट्रेनिंग में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए।
चाइल्ड आर्टिस्ट के पिता
उनकी बेटी बेबी गुड्डू 80 और 90 के दशक की सबसे लोकप्रिय चाइल्ड आर्टिस्ट थीं। उन्होंने जे. ओम प्रकाश, राकेश रोशन और विमल कुमार जैसे बड़े निर्देशकों के साथ बतौर असिस्टेंट काम किया। उन्होंने 'आदमी खिलौना है', 'जैसी करनी वैसी भरनी', 'काला बाजार' और 'किशन कन्हैया' जैसी सफल फिल्मों में अपना योगदान दिया। एक स्वतंत्र निर्देशक के रूप में बेग ने दो फिल्में निर्देशित कीं नसीरुद्दीन शाह की फिल्म 'मासूम गवाह' (1990) और शिल्पा शिरोडकर अभिनीत 'छोटी बहू' (1994)।