बिहार में हाई अलर्ट, 35 शहरों में परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी
NEET परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने ऐसा फैसला लिया है जिसने देशभर में डिजिटल अधिकारों और परीक्षा सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि इसके मैसेज एडिट फीचर को भी बंद क
Bihar: NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। साथ ही टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर को भी 30 जून तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 21 जून को देशभर में NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा आयोजित की जानी है। परीक्षा को लेकर बिहार समेत पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
बिहार में हाई अलर्ट, 35 शहरों में परीक्षा केंद्र
NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर बिहार प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। राज्य के 35 परीक्षा शहरों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। इनमें पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया, बेगूसराय, आरा, बक्सर, गोपालगंज, अररिया, औरंगाबाद समेत कई प्रमुख जिले शामिल हैं। बिहार में परीक्षा केंद्रों और परीक्षा शहरों की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
देशभर में 5,400 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा
NTA के अनुसार 21 जून को होने वाली री-एग्जाम देश के 550 से अधिक शहरों और 5,400 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। परीक्षा में 23 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है।
क्यों लगा टेलीग्राम पर बैन?
NTA की जांच में सामने आया कि कुछ संगठित गिरोह टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर का इस्तेमाल कर छात्रों को गुमराह कर रहे थे। परीक्षा से पहले सामान्य PDF अपलोड कर दी जाती थी और परीक्षा समाप्त होने के बाद उसी फाइल को एडिट करके असली प्रश्नपत्र अपलोड कर दिया जाता था।
इससे ऐसा प्रतीत होता था कि प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो गया था। इसी बहाने छात्रों और अभिभावकों से लाखों रुपये की ठगी की जा रही थी। NTA का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रही थीं।
NTA की अभ्यर्थियों को चेतावनी
NTA ने छात्रों और अभिभावकों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति या प्लेटफॉर्म परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं करा सकता। एजेंसी ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी कथित पेपर लीक या प्रश्नपत्र खरीदने के दावों पर विश्वास न करें।
टेलीग्राम ने किया विरोध
टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव ने सरकार के फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि कुछ अपराधियों की वजह से पूरे प्लेटफॉर्म को बंद करना उचित नहीं है। उनका दावा है कि इस फैसले से करोड़ों भारतीय यूजर्स प्रभावित हुए हैं जबकि गलत काम करने वाले लोग अन्य प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हो सकते हैं। वहीं टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है।
बिहार में विशेष निगरानी क्यों?
बिहार पहले भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल गिरोहों को लेकर सुर्खियों में रहा है। ऐसे में NEET-UG री-एग्जाम को लेकर राज्य में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और उड़नदस्ता टीमों की तैनाती की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।
NEET-UG 2026 री-एग्जाम केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि NTA और सरकार की विश्वसनीयता की भी परीक्षा बन गई है। टेलीग्राम बैन, हाईटेक निगरानी और कड़े सुरक्षा इंतजाम इस बात का संकेत हैं कि इस बार किसी भी तरह की लापरवाही या पेपर लीक की संभावना को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। अब देशभर के लाखों छात्रों की नजर 21 जून को होने वाली परीक्षा और उसके निष्पक्ष संचालन पर टिकी है। रिपोर्ट –अभिजीत भारद्वाज