Air Ambulance Crash:चतरा के जंगलों में एयर एंबुलेंस क्रैस, बिहार के एनेस्थीसिया डॉक्टर समेत 7 की दर्दनाक मौत, उम्मीदों की उड़ान बनी आख़िरी सफर

Air Ambulance Crash: आसमान में उड़ी एक उम्मीद भरी उड़ान कुछ ही मिनटों में मातम की खबर बन गई।...

बिहार के एनेस्थीसिया डॉक्टर समेत 7 की दर्दनाक मौत- फोटो : X

Air Ambulance Crash: आसमान में उड़ी एक उम्मीद भरी उड़ान कुछ ही मिनटों में मातम की खबर बन गई। सोमवार की शाम रांची से दिल्ली जा रही रेडबर्ड एयरवेज की एयर एंबुलेंस चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के जंगलों में क्रैश हो गई। इस भीषण हादसे में सात जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश हो गईं। उनमें एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार गुप्ता भी शामिल थे।

डॉ. विकास मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे, मगर बरसों से रांची में अपनी खिदमत अंजाम दे रहे थे। रांची सदर अस्पताल में वे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के तौर पर मरीजों की जान बचाते थे। उनकी पत्नी एसबीआई की कचहरी शाखा में कार्यरत हैं। एक 8 साल का मासूम बेटा अब अपने पिता की छांव से महरूम हो गया। जो शख्स दूसरों को जिंदगी देने निकला था, वही खुद तकदीर के इस बेरहम फैसले का शिकार हो गया।

विमान ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से सोमवार की  शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी। सोमवार की  7:34 बजे पायलट ने खराब मौसम की वजह से रास्ता बदलने की इजाजत मांगी। लेकिन कुछ ही लम्हों बाद रडार से संपर्क टूट गया। बाद में जंगलों में मलबा मिला टूटी हुई उम्मीदों और बिखरे अरमानों के साथ।

विमान में 41 वर्षीय संजय कुमार भी सवार थे, जो 65 प्रतिशत तक झुलसे हुए थे। बेहतर इलाज की आस में परिजनों ने कर्ज लेकर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की थी। मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इस हादसे में दो पायलट, डॉक्टर, पैरामेडिक और दो अटेंडेंट कोई भी जिंदा नहीं बच सका।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने हादसे की पुष्टि की है।बीचक्राफ्ट किंग एयर सी90 (वीटी-एजेवी) मेडिकल मिशन पर था। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की टीम जांच में जुट गई है। ब्लैक बॉक्स और मौसम की पड़ताल के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

गांव से लेकर रांची तक गम की लहर है। बताया जाता है कि हादसे से एक दिन पहले ही डॉ. विकास ने एक सैनिक को सुरक्षित एयरलिफ्ट किया था। आज वही फरिश्ता-ए-इंसानियत खामोश हो गया। उनकी आखिरी उड़ान अब सिर्फ एक दर्दनाक याद बनकर रह गई है।