एम्स देवघर में पहली बार ओपन हार्ट सर्जरी सफल, स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा अब विश्वस्तरीय सस्ता इलाज

Jharkhand : एम्स देवघर के डॉक्टरों की टीम ने पहली बार ओपन हार्ट सर्जरी कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। एम्स देवघर में ओपन हार्ट सर्जरी की शुरुआत होने से न केवल संताल परगना, बल्कि झारखंड सहित पड़ोसी राज्यों के हृदय रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी ...

एम्स देवघर में पहली बार ओपन हार्ट सर्जरी - फोटो : न्यूज4नेशन

Deoghar : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) देवघर ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। संस्थान में पहली बार एक मरीज की अत्यंत जटिल ओपन हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गई है। चिकित्सा जगत में इस बड़ी कामयाबी को एक मील का पत्थर माना जा रहा है। इस सफल ऑपरेशन के बाद एम्स देवघर ने यह साबित कर दिया है कि वह गंभीर से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पूरी तरह से तैयार है।


डॉ. रजत अग्रवाल और डॉ. संजय कुमार के कुशल नेतृत्व में मिली सफलता

संस्थान की इस पहली और ऐतिहासिक सर्जरी को कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के डॉ. रजत अग्रवाल और एनेस्थीसियोलॉजी विभाग के डॉ. संजय कुमार के कुशल नेतृत्व में अंजाम दिया गया। दोनों वरिष्ठ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में सर्जिकल टीम ने इस बेहद चुनौतीपूर्ण और जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस महा-ऑपरेशन की कामयाबी में सर्जिकल टीम, एनेस्थीसिया टीम, आईसीयू टीम और नर्सिंग स्टाफ के बीच का शानदार तालमेल और पेशेवर दक्षता सबसे अहम रही।


संसाधनों की समय पर उपलब्धता के लिए कार्यकारी निदेशक का आभार

इस बड़ी सफलता के बाद एम्स देवघर के प्रबंधन ने पूरी मेडिकल टीम को बधाई दी है। इसके साथ ही प्रबंधन ने संस्थान के कार्यकारी निदेशक (ईडी) के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है। कार्यकारी निदेशक ने दूरदर्शिता दिखाते हुए समय पर हार्ट-लंग मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई और हाइट्स (HITES) के माध्यम से जरूरी तकनीकी सहयोग के साथ-साथ कुशल परफ्यूज़निस्ट टीम की व्यवस्था की। ऑपरेशन के लिए आवश्यक संसाधनों को तुरंत उपलब्ध कराकर उन्होंने इस ऐतिहासिक सफलता की मजबूत नींव रखी थी।


झारखंड सहित पड़ोसी राज्यों के हृदय रोगियों को मिलेगी बड़ी राहत

एम्स देवघर में ओपन हार्ट सर्जरी की शुरुआत होने से न केवल संताल परगना, बल्कि पूरे झारखंड और बिहार समेत आसपास के राज्यों के गंभीर हृदय रोगियों के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगी है। अब तक इस क्षेत्र के मरीजों को दिल से जुड़ी जटिल सर्जरियों के लिए दिल्ली, कोलकाता या अन्य दूरस्थ बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख करना पड़ता था, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव बढ़ता था।


स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा अब विश्वस्तरीय और सस्ता इलाज

अब एम्स में इस सुविधा के नियमित होने से मरीजों को बेहद किफायती दरों पर स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। संस्थान के डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले समय में यहां दिल से संबंधित अन्य जटिल बीमारियों के इलाज और सर्जरी को और अधिक विस्तार दिया जाएगा, ताकि किसी भी गरीब या लाचार मरीज को इलाज के अभाव में अपनी जान न गंवानी पड़े।