हजारीबाग में हाई-वोल्टेज ड्रामा:पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के घर पर चला प्रशासन का बुलडोजर,अंबा प्रसाद ने कार्रवाई को बताया 'अवैध'

हजारीबाग में एनटीपीसी के खनन क्षेत्र वाले इलाके में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और कई रैयतों के घर को बुलडोजर चला कर तोड़ दिया गया। योगेंद्र साव ने 15 साल पहले इस मकान को बनाया था।

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के घर पर चला प्रशासन का बुलडोजर- फोटो : news 4 nation

झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत जोरदाग में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के पैतृक आवास को भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया गया। यह कार्रवाई एनटीपीसी (NTPC) और पूर्व मंत्री के बीच लंबे समय से चल रहे जमीन और मुआवजे के विवाद के परिणाम स्वरूप हुई है। इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

मुआवजे का विवाद: NTPC और प्रशासन का पक्ष

NTPC अधिकारियों के अनुसार, चट्टी बरियातू कोल खनन परियोजना के विस्तार कार्य में यह मकान बाधा बना हुआ था। प्रशासन का दावा है कि संबंधित भूमि के लिए निर्धारित मुआवजा राशि बहुत पहले ही तय कर दी गई थी। चूंकि योगेंद्र साव ने उस राशि को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था, इसलिए नियमानुसार उस रकम को ट्रिब्यूनल कोर्ट में जमा करा दिया गया था। परियोजना कार्य को गति देने के लिए अधिकारियों ने इस ध्वस्तीकरण को आवश्यक कदम बताया है।

अंबा प्रसाद के गंभीर आरोप: "नियमों का हुआ उल्लंघन"

कार्रवाई की सूचना मिलते ही योगेंद्र साव की बेटी और बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद मौके पर पहुंचीं और कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और NTPC प्रबंधन ने बिना उचित मुआवजा दिए और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के घर को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने इसे ‘भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013’ का सरेआम उल्लंघन करार दिया और इस कार्रवाई को कानूनी रूप से चुनौती देने की बात कही है।

मां की सुरक्षा पर सवाल और भविष्य की रणनीति

अंबा प्रसाद ने एक चौंकाने वाला दावा भी किया कि जब बुलडोजर की कार्रवाई शुरू हुई, उस समय उनकी मां और पूर्व विधायक निर्मला देवी घर के अंदर ही मौजूद थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा को नजरअंदाज करते हुए कार्रवाई जारी रखी। पूर्व विधायक ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए कहा कि वे इस अन्याय के खिलाफ जनता के बीच जाएंगी और कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।