राजधानी में धरना-प्रदर्शन व रैलियों के लिए प्रशासन की अनुमति अनिवार्य, नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

रांची जिला प्रशासन ने जिले में कानून-व्यवस्था और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब सार्वजनिक स्थानों पर धरना-प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली और आमसभा आयोजित करने से पहले प्रशासन की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है.....

रांची में धरना-प्रदर्शन व रैलियों के लिए प्रशासन की अनुमति अनिवार्य- फोटो : न्यूज4नेशन

N4N Desk : झारखंड की राजधानी रांची में अब धरना-प्रदर्शन व रैलियों के लिए प्रशासन की अनुमति अनिवार्य होगी। रांची जिला प्रशासन ने जिले में कानून-व्यवस्था और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब सार्वजनिक स्थानों पर धरना-प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली और आमसभा आयोजित करने से पहले प्रशासन की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए आयोजकों को रांची सदर या बुंडू के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) द्वारा तय की गई आधिकारिक प्रक्रिया का पालन करना होगा।


बिना सूचना के कार्यक्रमों से आम जनजीवन प्रभावित 

रांची जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अक्सर बिना पूर्व सूचना या अनुमति के आयोजित होने वाली रैलियों और प्रदर्शनों के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे यातायात व्यवस्था ठप हो जाती है और कानून-व्यवस्था के समक्ष गंभीर संकट उत्पन्न होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोजकों के लिए कार्यक्रम से पहले पूरी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराना अनिवार्य बनाया गया है।


आयोजकों को देनी होगी कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा 

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जुलूस या रैली का आयोजन करने वाली संस्थाओं को कार्यक्रम की तारीख, शुरू व समाप्त होने का समय, प्रस्तावित मार्ग और संभावित प्रतिभागियों की संख्या की पूरी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, आवश्यकता पड़ने पर कार्यक्रम में शामिल होने वाले मुख्य अतिथियों और प्रमुख नेताओं का विवरण भी पुलिस व प्रशासन के समक्ष जमा करना होगा।


अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों का पालन जरूरी 

जिला प्रशासन ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना नागरिकों का लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में सार्वजनिक रास्तों को जाम करना या आम लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालना उचित नहीं है। सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन कानून और प्रशासनिक निर्देशों के दायरे में ही होना चाहिए।


भ्रामक सूचनाओं से बचने और सहयोग की अपील 

प्रशासन ने आम नागरिकों और छात्रों से अपील की है कि किसी भी प्रदर्शन या रैली में शामिल होने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और प्रशासनिक अनुमति की जांच अवश्य कर लें। साथ ही, किसी भी तरह की भ्रामक सूचना या अफवाह के आधार पर कानून-व्यवस्था को हाथ में न लेने की सलाह दी गई है। इस व्यवस्था का मकसद लोकतांत्रिक अधिकारों को रोकना नहीं, बल्कि शहर में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना है।