झारखंड में राज्यसभा चुनाव पर रार : परिमल नाथवानी के नामांकन पर बवाल, सलमान खुर्शीद को रोकने पर कांग्रेस का भारी हंगामा

झारखंड में राज्यसभा चुनाव की स्क्रूटनी के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र को लेकर बुधवार को विधानसभा परिसर में कांग्रेस और सत्ता पक्ष के बीच भारी राजनीतिक टकराव देखने को मिला...

झारखंड में राज्यसभा चुनाव पर रार- फोटो : न्यूज4नेशन

Ranchi : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र को लेकर खड़े हुए कानूनी और तकनीकी विवाद के बीच बुधवार को विधानसभा परिसर में कांग्रेस और सत्ता पक्ष के नेताओं ने जमकर हंगामा और नारेबाजी की। विवाद उस समय और गहरा गया जब कांग्रेस की ओर से आपत्ति दर्ज कराने दिल्ली से रांची पहुंचे देश के वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को रिटर्निंग ऑफिसर ने स्क्रूटनी (जांच) की सुनवाई में शामिल होने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया।


रिटर्निंग ऑफिसर ने नहीं दी अनुमति, कानूनी दलीलों के बीच बढ़ी तल्खी

राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार के कक्ष में अहम सुनवाई चल रही थी। निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने सुबह करीब 11 बजे से ही अपना पक्ष रखना शुरू कर दिया था। दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक प्रणव झा द्वारा नाथवानी के पर्चे पर जताई गई गंभीर आपत्तियों पर तर्क देने के लिए सलमान खुर्शीद दोपहर करीब 12:40 बजे विधानसभा पहुंचे। हालांकि, रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें यह कहते हुए पक्ष रखने की अनुमति नहीं दी कि उनके पहुंचने से पहले ही निर्धारित प्रक्रिया समाप्त हो चुकी थी।


रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर के बाहर कांग्रेस मंत्रियों और विधायकों का प्रदर्शन

सलमान खुर्शीद को एंट्री न मिलने के बाद विधानसभा परिसर में मौजूद कांग्रेस नेताओं का गुस्सा फूट पड़ा। झारखंड सरकार में शामिल कांग्रेस कोटे की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण किशोर समेत कई नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के बाहर धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया पर सीधे सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एक तरफ तो परिमल नाथवानी का नया शपथ पत्र (एफिडेविट) आनन-फानन में स्वीकार कर लिया गया, लेकिन दूसरी तरफ विपक्ष की दलीलें सुनने से परहेज किया गया।


विधानसभा स्टाफ और प्रशासन पर बरसीं मंत्री, लगाया मिलीभगत का आरोप

हंगामे के बीच मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पूरे घटनाक्रम पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए विधानसभा प्रशासन और स्टाफ की भूमिका को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि इतने संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामले के दौरान सदन के मुख्य संरक्षक की अनुपस्थिति बेहद चिंताजनक है। मंत्री ने आरोप लगाया कि विधानसभा के कुछ कर्मचारियों को प्रभाव में लेकर इस पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है। उनके इस तीखे बयान के बाद सदन परिसर के भीतर और बाहर पक्ष-विपक्ष के समर्थकों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी शुरू हो गई।


नाथवानी ने छिपाई संपत्ति की जानकारी, होशियारी से बदला नाम: सलमान खुर्शीद

विधानसभा परिसर में मीडिया से मुखातिब होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने पूरी प्रक्रिया को 'पहले से फिक्स' बताया। खुर्शीद ने तकनीकी गड़बड़ी का खुलासा करते हुए कहा, "उम्मीदवार का नाम नाथवानी परिमल नहीं बल्कि परिमल नाथवानी है, जिस पर कांग्रेस विधायक ने लिखित आपत्ति जताई थी। लेकिन बड़ी होशियारी से सुनवाई से ठीक पहले एक नया एफिडेविट तैयार कर जमा करा दिया गया।" उन्होंने आरोप लगाया कि नाथवानी ने अपनी अकूत संपत्ति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी छिपाई हैं। बकौल खुर्शीद, प्रशासन ने फिलहाल नामांकन स्वीकार कर लिया है और शाम 6 बजे आदेश की प्रतिलिपि मिलने के बाद कांग्रेस आगे की कानूनी रणनीति तय करेगी।