Gas lighter spark: नया गैस लाइटर खरीदने की जरूरत है या नहीं? ऐसे करें जांच

Gas lighter spark: गैस लाइटर की चिंगारी कमजोर होने पर नया लाइटर खरीदने से पहले स्पार्क पिन, नमी और बटन की स्थिति जांचें। जानें कब लाइटर की सफाई करें और कब उसे बदलना सुरक्षित है।

Gas lighter spark: किचन में गैस जलाने के लिए लाइटर का इस्तेमाल रोजाना होता है। सामान्य तौर पर लाइटर दबाते ही तेज चिंगारी निकलती है और गैस आसानी से जल जाती है। लेकिन कई बार लाइटर से चिंगारी कमजोर आने लगती है या कई बार क्लिक करने के बाद भी गैस नहीं जलती। ऐसी स्थिति में लोग अक्सर लाइटर खराब समझकर नया खरीद लेते हैं।


हालांकि, हर बार लाइटर खराब नहीं होता। कई बार स्पार्क पिन पर गंदगी, नमी या लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण छोटी समस्या पैदा हो जाती है। नया लाइटर खरीदने से पहले कुछ सुरक्षित चीजें जरूर जांची जा सकती हैं।


स्पार्क पिन पर जमा गंदगी करें साफ


लाइटर की चिंगारी कमजोर होने की एक वजह स्पार्क पिन पर जमा तेल, धुआं या कार्बन हो सकती है। किचन में लगातार इस्तेमाल होने से लाइटर के इस हिस्से पर गंदगी जम जाती है, जिससे चिंगारी ठीक से नहीं बन पाती। सफाई से पहले लाइटर को गैस चूल्हे और किसी भी आग के स्रोत से दूर रखें। इसके बाद स्पार्क पिन के बाहरी हिस्से को सूखे कपड़े या मुलायम ब्रश से साफ किया जा सकता है। किसी नुकीली धातु की चीज से इसे खुरचने या जोर लगाने से बचें।


बटन दबाने में परेशानी हो तो ध्यान दें


अगर लाइटर का बटन पहले की तरह आसानी से नहीं दब रहा है या दबाने के बाद वापस नहीं आ रहा है, तो इसके पीछे गंदगी या नमी हो सकती है। खाना बनाते समय निकलने वाली भाप और तेल भी लाइटर के बाहरी हिस्से पर जमा हो सकते हैं। लाइटर को बाहर से अच्छी तरह साफ करें और देखें कि बटन सामान्य तरीके से काम कर रहा है या नहीं। बटन को जबरदस्ती दबाने या उसके अंदर पानी, तेल या कोई दूसरा तरल डालने की कोशिश न करें।


लाइटर गिर गया है तो बाहरी नुकसान देखें


कई बार लाइटर जमीन पर गिरने या किसी चीज से टकराने के बाद ठीक से चिंगारी नहीं देता। अगर लाइटर गिरने के बाद उसकी बॉडी में दरार आ गई है, कोई हिस्सा ढीला हो गया है या ट्रिगर ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो उसे इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं माना जाना चाहिए। ऐसे लाइटर को खोलकर अंदर का मैकेनिज्म खुद ठीक करने की कोशिश करने के बजाय उसे बदलना बेहतर है।


नमी से भी प्रभावित हो सकती है चिंगारी


सिंक के पास रखा लाइटर या लंबे समय तक भाप के संपर्क में रहने वाला लाइटर नमी पकड़ सकता है। इससे उसका स्पार्क सिस्टम प्रभावित हो सकता है। ऐसे में लाइटर को किसी सूखी और हवादार जगह पर रखकर पूरी तरह सूखने दें। उसे गैस की आग, हीटर, गर्म बर्तन या किसी अन्य गर्म स्रोत के पास रखकर जल्दी सुखाने की कोशिश न करें।


फ्लिंट वाले लाइटर में हो सकती है अलग समस्या


कुछ गैस लाइटर में इलेक्ट्रॉनिक स्पार्क सिस्टम के बजाय फ्लिंट का इस्तेमाल होता है। अगर ऐसे लाइटर का पहिया घूम रहा है लेकिन चिंगारी नहीं निकल रही है, तो फ्लिंट घिसा हुआ हो सकता है। ऐसे लाइटर में फ्लिंट बदलने की प्रक्रिया मॉडल के हिसाब से अलग हो सकती है। इसलिए निर्माता के निर्देशों के अनुसार ही इसे बदलना चाहिए। अगर लाइटर खोलने में जोखिम लग रहा है, तो खुद मरम्मत करने के बजाय नया लाइटर लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।


जंग या टूट-फूट को नजरअंदाज न करें


पुराने लाइटर के धातु वाले हिस्सों में जंग लग सकती है। हल्की बाहरी गंदगी को साफ किया जा सकता है, लेकिन अगर लाइटर में ज्यादा जंग, दरार, टूट-फूट या किसी महत्वपूर्ण हिस्से में नुकसान दिखाई दे रहा है तो उसे इस्तेमाल न करें। खासकर गैस से जुड़े हिस्से, वाल्व या बॉडी में खराबी होने पर लाइटर को खोलना खतरनाक हो सकता है।


गैस की गंध आए तो लाइटर इस्तेमाल न करें


अगर लाइटर से गैस की गंध आ रही है, गैस लीक होने का संदेह है, लाइटर असामान्य रूप से गर्म हो रहा है या उसके ईंधन वाले हिस्से में नुकसान दिखाई दे रहा है, तो उसे ठीक करने की कोशिश न करें। ऐसे लाइटर को आग और दूसरे गर्म स्रोतों से दूर रखें और सुरक्षित तरीके से बदल दें। गैस और आग से जुड़े उपकरणों में छोटी सी लापरवाही भी आग लगने या दूसरे हादसे का कारण बन सकती है।


कब नया लाइटर खरीदना ही बेहतर है?


अगर समस्या केवल गंदगी या नमी की वजह से है तो बाहरी सफाई और पूरी तरह सूखने के बाद लाइटर सामान्य तरीके से काम कर सकता है। लेकिन टूटी बॉडी, गैस लीक, खराब वाल्व, गंभीर जंग या अंदरूनी खराबी की स्थिति में लाइटर को ठीक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।