चुनाव के समय भाजपा सांसद सुशील सिंह को याद आती है उत्तर कोयल और हाड़ियाही नहर परियोजना... पूर्व जदयू विधायक ने बोला हमला
औरंगाबाद। जदयू ने जिले के दक्षिणी छोर को सिंचित करने के उद्देश्य से लाई गई हाड़ियाही नहर परियोजना और उत्तर कोयल नहर परियोजना में पानी नहीं आने का कारण भाजपा सांसद सुशील सिंह को बताया है। जबकि गया और रोहतास में एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि जल्द से जल्द उत्तर कोयल नहर से किसानों के खेतो तक पानी पहुंचाएंगे मगर प्रधानमंत्री का दावा भी टाय टाय फिस्स हो गया और किसानों के खेतों तक अब तक पानी नहीं पहुंच पाया है।
जदयू के जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह ने इस मुद्दे पर सांसद द्वारा सिर्फ वाहवाही लूटने और राजनीति करने का आरोप लगाया है। जदयू नेता ने यहां तक कहा कि सांसद के नेतृत्व में वे बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्री से मिलने को तैयार हैं। वे इस मामले में दलगत भावना से ऊपर उठकर किसानों के हित की चिंता कर रहे हैं। जबकि सांसद इस मामले में निष्क्रिय दिखाई देते हैं। पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह ने वर्षों से अधर में लटके उत्तर कोयल और हड़ियाही नहर परियोजना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इन परियोजनाओं के नाम पर सांसद सुशील सिंह पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया है।
नेताओं ने कहा कि सिर्फ चुनाव के समय ही भाजपा को उत्तर कोयल नहर सिंचाई परियोजना का ख्याल आता है और चुनाव बीत जाने के बाद इस परियोजना को सांसद और केंद्र सरकार भूल जाती है। वे उल्टे गलत बयानबाजी कर बिहार और झारखंड सरकार पर साथ नहीं देने का आरोप लगाते हैं। मगर इस बार लोक सभा चुनाव में जनता सांसद और बीजेपी के बड़े नेताओं से यह सवाल जरूर पूछेगी कि आखिर अब तक उत्तर कोयल नहर से पानी हमारे खेतों में अभी तक क्यों नहीं पहुंची।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि दोनों ही सिंचाई परियोजनाएं किसानों के जीवन रेखा हैं। इस परियोजना में झारखंड के पलामू, लातेहार, गढ़वा और बिहार के औरंगाबाद, गया, जहानाबाद और अरवल के लाखों किसानों की उम्मीदें जुड़ी हुई है। इसके पूरा होने से हजारों एकड़ की खेती में पानी की उपलब्धता हो सकेगी लेकिन दुर्भाग्य है कि इसे लेकर ज्यादातर राजनीति ही हुई है।
झारखंड सरकार के स्तर से सांसद की शिकायत का सरकार के स्तर से ही पहल से निदान संभव है। इस नाते वे चाहते हैं कि औरंगाबाद के सांसद सुशील सिंह ही इसका नेतृत्व करे। औरंगाबाद के महागबंधन के सभी छः विधायक और महागठबंधन के घटक सभी दलो के जिलाध्यक्ष इस मामले में सांसद का नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार है। कहा कि सांसद हम सबके बड़े भाई भी है। इस नाते भी उनसे आग्रह करेंगे और बात भी करेंगे और बात बनी तो हम सभी एक साथ इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने भी जाएंगे।
इस दौरान जदयू जिलाध्यक्ष और महागठबंधन समन्वयक अशोक कुमार सिंह ने एक ऐप लॉन्च किया। इस ऐप के माध्यम से श्री सीमेंट द्वारा प्रदूषण और जल की समस्या को देखते हुए सर्वे कराने की बात कही गई है। महागठबंधन नेताओं ने कहा कि श्री सीमेंट के चलते शहर में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। एक बार सांसद द्वारा सदन में श्री सीमेंट से उत्पन्न प्रदूषण समेत अन्य मुद्दों पर आवाज उठाया था। कुछ समय तक प्लांट बंद भी हुआ मगर न जाने क्या डील हुई कि सीमेंट प्लांट फिर से शुरू हो गया। मगर शहरवासियों की समस्या को देखते हुए महागठबंधन के नेता और हर घर के एक या दो सदस्य बाल्टी लेकर श्री सीमेंट के गेट पर प्रदर्शन करेंगे। श्री सीमेंट के कारण वातावरण में प्रदूषण काफी फैल रहा है। यही नहीं उनके द्वारा बड़े-बड़े मोटर लगाकर भूजल का दोहन किया जा रहा है। जिससे शहर और आसपास के दर्जनों गांव में जलस्तर 200 फीट नीचे तक चला गया है।