पूर्व कृषि मंत्री ने सीएम नीतीश से किया तीन कृषि रोड मैप की जांच कराने की मांग, ​भ्रष्टाचार की बलि चढ़ने का लगाया आरोप

PATNA: बिहार की सियासी पारा हाई है। सीएम नीतीश ने जब से महागठबंधन का साथ छोड़ एनडीए का दामन थामा है तब से वह विपक्ष के निशाने पर है। वहीं सीएम नीतीश महागठबंधन के नेतृत्व में संचालित हुई कई विभागों की जांच करने का आदेश दिया है। पिछली सरकार में राजद कोटे के सभी विभागों की जांच की जाएगी। वहीं इसको लेकर राजद सीएम नीतीश पर हमलावार है। राजद ने सीएम नीतीश से मांग की है कि 17 महीना ही क्यों 17 महीने वर्सेज 17 साल की जांच सीएम करा लें। राजद ने कहा है कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में इतना काम हो गया है जितना सीएम नीतीश ने एनडीए के साथ मिलकर 17 साल में नहीं किया। वहीं इसी कड़ी में राजद विधायक और पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने वर्तमान एनडीए की सरकार से तीन कृषि रोड मैप की जांच करने की मांग की है। 

तीन कृषि रोड मैप का जांच कराएं सीएम

उन्होंने कहा कि, बिहार सरकार पिछली सरकार के कई विभागों की जाँच करवाना चाहती है, अच्छी बात है जाँच करवाइए, लेकिन कृषि विभाग में मेरे द्वारा लिखा हुआ पीत पत्र भी ज़रूर देखिएगा और पिछले तीन कृषि रोड मैप का भी जाँच ज़रूर करवाइयेगा। राजद विधायक ने दावा किया है कि पिछले तीन कृषि रोड मैप के जाँच से सीएम नीतीश की नींद खुलेगी और वह जानेंगे कि तीन कृषि रोड मैप कैसे केवल भ्रष्टाचार की बलि चढ़ गया। 

भ्रष्टाचार की बलि चढ़ कृषि रोड मैप

राजद विधायक ने कहा कि, पिछले तीन कृषि रोड मैप से किसानों को फ़ायदा तो नहीं हुआ लेकिन ये फ़ायदा किसको हुआ हैं ये बिहार की आम आवाम से सामने ज़रूर आना चाहिए। मुझे आशा है सीएम नीतीश पिछले तीन कृषि रोड मैप का जाँच ज़रूर करवायेंगे और भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों पर कठोर कार्रवाई भी करेंगे। 

2022 में भी किए थे जांच की मांग 

गौरतलब हो कि, तत्कालीन कृषि मंत्री रहते हुए सुधाकर सिंह ने सीएम बिहार से तीनों रोड मैप की जांच करवाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि, अभी तक तीन कृषि रोडमैप तैयार किया गया है। पहला कृषि रोडमैप 2008 से 2012 एवं दूसरा 2012-2017 का कार्यान्वयन पूर्ण हो चुका है तथा तीसरे कृषि रोडमैप 2017-2022 का कार्यान्वयन अभी किया जा रहा है। वर्तमान में बिहार में चतुर्थ कृषि रोडमैप तैयार करने की प्रक्रिया पर कार्य किया जा रहा है। ऐसे में यह आवश्यक है कि पूर्व में कार्यान्वित तीनों कृषि रोडमैप का परिणामी मूल्यांकन कराया जायं। यह देखा जाना आवश्यक है कि पूर्व में कार्यान्वित कृषि रोडमैपों का बिहार में कृषि के विकास में क्या प्रभाव हुआ है? किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में कितना बदलाव आया है? साथ हीं यह भी देखा जाना आवश्यक है कि तीनों कृषि रोडमैप अपने निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करने में किस हद तक सफल हो पाया है?।