माता-पिता से आशीर्वाद लेकर नामांकन करने निकले पप्पू यादव, पूर्णिया में उमड़ा भारी जन सैलाब, लालू यादव की बढ़ी मुश्किल

पूर्णिया. लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में करने के बाद भी पूर्णिया से टिकट नहीं मिलने पर अब पप्पू यादव अपने बलबूते चुनाव मैदान में कूद गए हैं. वे गुरुवार को नामांकन करने निकले. वे पूर्णिया लोक सभा सीट से नामांकन के लिए रवाना होने के पहले माता-पिता की आवास पर पहुंचकर आशीर्वाद लिया। अपने घर में पप्पू यादव में पूजा अर्चना की। उसके बाद मां शांति प्रिया और पिता चंद्र नारायण प्रसाद का आशीर्वाद लिया। इस दौरान मां शांति प्रिया ने पप्पू यादव का आरती उतार कर और दही मिठाई खिलाकर नामांकन के लिए रावना किया। 

पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया की हर मां पिता भाइयों का सबका सहयोग है। वह नामांकन के लिए जा रहे हैं। माता-पिता का आशीर्वाद उन्हें मिला है और निश्चित ही उसकी जीत होगी। उन्होंने कहा कि लालू यादव का भी उन्हें आशीर्वाद है। सबका आशीर्वाद है। उनके लिए गर्व की बात है कि वह कांग्रेस से हैं और कांग्रेस के साथ हमेशा रहेंगे। वहीं पप्पू यादव की मां शांति प्रिया ने न्यूज़ 4nation से बात करते हुए कहा कि पूर्णिया की हर मां पप्पू यादव की मां है। उन्होंने आशीर्वाद दिया है कि वह इस बार 3 लाख वोटो से जीतेंगे। पप्पू यादव के नामांकन समारोह में बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी शामिल हुए हैं । पप्पू यादव जिंदाबाद के नारे लगाते रहे।

पप्पू यादव के मुकाबले इस बार राजद की ओर से बीमा भारती चुनाव मैदान में है. वहीं जदयू ने अपने मौजूदा सांसद संतोष कुशवाहा को फिर से उम्मदीवार बनाया है. पप्पू यादव को कांग्रेस ने पूर्णिया से चुनाव लड़ाने के आश्वासन दिया था. लेकिन सीटों के बंटवारे में पूर्णिया सीट पर राजद ने दावा ठोक दिया और बीमा भारती को उम्मदीवार घोषित कर दिया. बीमा जदयू की विधायक थी और अब राजद में आ गई हैं. इसके बाद पप्पू यादव ने अपने बलबूते चुनाव लड़ने की घोषणा की और नामंकन कर रहे हैं. 

पप्पू यादव पहले भी पूर्णिया से सांसद रह चुके हैं. उन्होंने कहा था कि मर जाएंगे, मिट जाएंगे लेकिन पूर्णिया नहीं छोड़ेगे. पूर्णिया मेरी माँ है और माँ को छोड़कर बेटा कैसे जा सकता है. अब अपने वादे के अनुरूप पप्पू यादव चुनाव मैदान में हैं. इससे यहां राजद और कांग्रेस में फ्रेंडली फाइट होना तय है.