BREAKING : राजद को फिर लगा झटका, विधायक भरत बिंद ने बदला पाला, भभुआ से जीते थे चुनाव, पांचवें विधायक ने छोड़ी पार्टी

पटना. बिहार के राजद के विधायकों का पार्टी से टूटने का सिलसिला नहीं थम रहा है. पहले ही चार विधायकों के बागी होकर एनडीए के साथ जाने के बाद शुक्रवार को एक बार फिर से राजद को झटका लगा. राजद के भभुआ से विधायक भरत बिंद भी एनडीए का दामन थाम रहे हैं. उन्होंने शुक्रवार को पाला बदल लिया. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ भरत बिंद एनडीए के खेमे में आ गए. बिहार में नीतीश कुमार ने 28 मई को एनडीए के साथ मिलकर सरकार बनाई थी. उसके बाद से विरोधी दलों के विधायकों का टूटकर एनडीए में आने का सिलसिला थम नहीं रहा है. भरत बिंद के पहले राजद के चार विधायक पार्टी से टूट चुके हैं. इसके अलावा कांग्रेस के दो विधायक भी पार्टी छोड़कर एनडीए खेमे में आ चुके हैं. 

बिहार के कैमूर जिले में स्थित भभुआ विधानसभा सीट पर 2020 में राजद प्रत्याशी भरत बिंद ने जीत का परचम लहराया था. उन्होंने एनडीए खेमे से बीजेपी प्रत्याशी रिंकी पांडेय को शिकस्त दी है. भरत बिंद ने 10045 वोटों से रिंकी पांडेय को हराया है. वहीं अब बदले समीकरणों में भरत बिंद ने राजद का साथ छोड़ दिया है और भाजपा का थामने की राह पर हैं. उन्होंने विधानसभा में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ प्रवेश किया और भाजपा में जाने के संकेत दिए. भरत बिंद के राजद से अलग होने से वे ऐसे पांचवें विधायक बन गए हैं जिन्होंने बिहार में सरकार बदलने के बाद राजद को झटका दिया है. 

12 फरवरी को जब नीतीश कुमार ने विधानसभा में विश्वास मत पेश किया था तब राजद के तीन विधायक सत्ता पक्ष की ओर आकर समर्थन किए थे. उसके पहले 28 जनवरी को नीतीश कुमार के एनडीए के समर्थन से सरकार बनाने के बाद राजद के तेजस्वी यादव ने दावा किया था कि बिहार में खेला होगा. उनका इशारा नीतीश कुमार की जदयू और भाजपा के विधायकों के टूटकर राजद में आने की ओर था. हालांकि तेजस्वी के खेला होने के दावे से उलट राजद के साथ ही खेला हो गया. पहले 12 फरवरी को राजद के तीन विधायकों नीलम देवी, चेतन आनंद, प्रहलाद यादव ने पार्टी का साथ छोड़ा. उसके बाद 27 फरवरी को राजद की संगीता कुमारी ने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया. साथ ही कांग्रेस के सिद्धार्थ सौरव और मुरारी गौतम ने भी पार्टी को झटका दिया और एनडीए के संग हो गए.