जो खुद कोर्ट की दया पर बेल पर हैं, वह कह रहे हैं कि संविधान खतरे में है, ऐसे लोगों के कारण ही लोगों में कोर्ट का आदर खत्म, संतोष मांझी के निशाने पर लालू

PATNA : रविवार को पटना के गांधी मैदान में आयोजित जनविश्वास महारैली में लालू प्रसाद एक्टिव रहकर केंद्र सरकार पर हमला बोलते नजर आए, उसके बाद उनपर जवाबी हमला तेज हो गया है। न सिर्फ भाजपा, बल्कि उनकी सहयोगी पार्टियों ने भी राजद सुप्रीमो को निशाने पर लिया है। बिहार सरकार में मंत्री व हम के अध्यक्ष संतोष मांझी ने वह लोग संविधान पर खतरे की बात कर रहे हैं, जो सजाएफ्ता होने के बावजूद कोर्ट की दया पर स्वास्थ्य का हवाला देकर बेल पर जेल से बाहर हैं। मांझी ने कहा कि उन जैसे लोगों के कारण ही लोगों में कानून का आदर खत्म हो रहा है। 

कोर्ट का किया अपमान

सोशल मीडिया एक्स पर संतोष  मांझी ने लिखा कि लालू प्रसाद जी कर रहे हैं कोर्ट का अपमान। एक सजायाफ्ता आदमी जो वर्षों जेल में रहकर कोर्ट की दया पर एवं स्वास्थ्य कारणों से बेल लेकर बाहर हो वो इस तरह से रैलियाँ कर सकता है ? फिर भी कहते घूमते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है, संविधान खतरे में है। 

मंच पर जाकर भी अनाप शनाप भाषण देना, मंच से भी जनता की बात न कर परिवार की बात करना शोभा नहीं देता।कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए ऐसे मामलों में वरना आमलोगों के अंदर भी क़ानून का आदर ख़त्म हो सकता है। क़ानून सबके लिए बराबर है और हाँ परिवार और परिवारवाद में बहुत महीन फर्क है। जिसको समझना आसान भी है और नहीं भी। हालाँकि उसके लिए भी ज्ञान की आवश्यकता होती है,न कि धृतराष्ट्र बने रहने की।