BCCI नमन अवॉर्ड्स: 'द वॉल' राहुल द्रविड़ को मिलेगा कर्नल सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, भारतीय क्रिकेट में स्वर्णिम योगदान का सम्मान

भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज और पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ को बीसीसीआई 'कर्नल सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' से नवाजेगा। बतौर खिलाड़ी और कोच भारत को विश्व विजेता बनाने वाले द्रविड़ के सफर को यह सबसे बड़ा सलाम है।

N4N Desk - भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने सालाना 'नमन अवॉर्ड' समारोह में पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड देने का फैसला किया है। द्रविड़ ने न केवल एक बल्लेबाज के रूप में टीम इंडिया की दीवार बनकर सेवा की, बल्कि बतौर कोच भी भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। उनके मार्गदर्शन में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीतकर आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म किया था। दिलचस्प बात यह है कि भारत ने उनके द्वारा तैयार की गई नींव पर चलते हुए चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 

'बिग फोर' का वो स्तंभ जिसने बदली टीम की तस्वीर

राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण के साथ भारत की उस मशहूर ‘बिग फोर’ बैटिंग लाइन-अप का अटूट हिस्सा थे, जिसने भारतीय क्रिकेट को विदेशों में जीतना सिखाया। टेस्ट क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में शुमार 53 वर्षीय द्रविड़ ने अपनी तकनीक और धैर्य से टीम इंडिया के माथे से 'घर के बाहर कमजोर' होने का टैग हटाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी घंटों तक क्रीज पर टिके रहने की क्षमता ने ही उन्हें क्रिकेट जगत में ‘द वॉल’ जैसा प्रतिष्ठित निकनेम दिया। 

कोचिंग में भी लहराया सफलता का परचम

साल 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद द्रविड़ ने कमेंट्री बॉक्स के बजाय मैदान पर युवाओं को निखारने का कठिन रास्ता चुना। उन्होंने इंडिया अंडर-19 टीम की कमान संभाली और शुभमन गिल व पृथ्वी शॉ जैसे सितारों के साथ 2018 में वर्ल्ड कप का खिताब जीता। इसके बाद इंडिया-ए और फिर सीनियर टीम के कोच के रूप में उन्होंने भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ को इतना मजबूत किया कि आज टीम इंडिया वैश्विक पटल पर लगातार डोमिनेट कर रही है। 

आंकड़े जो गवाही देते हैं महानता की

राहुल द्रविड़ के करियर के आंकड़े उनकी क्लास को बयां करते हैं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 10,000 से अधिक रन बनाए, लेकिन उनका असली जलवा टेस्ट क्रिकेट में देखने को मिला जहाँ उन्होंने देश और दुनिया के हर कोने में रन बरसाए। टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा गेंदें खेलने का रिकॉर्ड आज भी उनके नाम दर्ज है। बीसीसीआई का यह सम्मान द्रविड़ की उसी तपस्या, अनुशासन और खेल के प्रति निस्वार्थ समर्पण को एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि है।