अमेठी नहीं छोड़ेंगी स्मृति ईरानी! मतदाता सूची में शामिल हुआ नाम, इस गांव की वोटर बनीं पूर्व केंद्रीय मंत्री
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि अमेठी के साथ उनका रिश्ता महज सियासी नहीं, बल्कि स्थायी है। निर्वाचन विभाग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत अब उनका नाम आधिकारिक रूप से अमेठी की मतदाता सूची में शामिल
Patna - विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद अमेठी की नई मतदाता सूची जारी की गई है। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष के अनुसार, स्मृति ईरानी का नाम अमेठी के मेदन मवई गांव की वोटर लिस्ट में शामिल है। इसी गांव में स्मृति ईरानी ने अपना निजी आवास भी बनाया है, जिसे उनके क्षेत्र के प्रति लगाव और स्थायी निवास के प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है।
2024 के चुनाव में भी यहीं से डाला था वोट
बीजेपी जिला अध्यक्ष ने बताया कि स्मृति ईरानी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी मेदन मवई गांव से ही अपना वोट डाला था। वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया के तहत उनके नाम का पुनरीक्षण कर इसे सूची में बरकरार रखा गया है। निर्वाचन विभाग के इस कदम से उन कयासों पर विराम लग गया है, जिनमें कहा जा रहा था कि हार के बाद वे अमेठी से अपनी सक्रियता कम कर सकती हैं।
अमेठी से अटूट रिश्ते का दिया संदेश
स्मृति ईरानी के इस फैसले को अमेठी की जनता के लिए एक मजबूत संदेश माना जा रहा है। जिला अध्यक्ष का कहना है कि "स्मृति जी ने यह साबित कर दिया है कि चुनाव में हार या जीत उनके और अमेठी के रिश्ते को प्रभावित नहीं कर सकती।" उनका नाम वोटर लिस्ट में बने रहना यह दर्शाता है कि वे आने वाले समय में भी क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती रहेंगी।
2014 से अब तक का सियासी सफर
स्मृति ईरानी ने साल 2014 में अमेठी की राजनीति में कदम रखा था। हालांकि, पहले चुनाव में उन्हें राहुल गांधी से हार मिली थी, लेकिन उन्होंने क्षेत्र नहीं छोड़ा। साल 2019 में उन्होंने ऐतिहासिक जीत दर्ज की और राहुल गांधी को शिकस्त दी। भले ही 2024 में उन्हें कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा से हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन वे लगातार क्षेत्र का दौरा कर रही हैं और पार्टी कार्यक्रमों में शिरकत कर रही हैं।
मतदाता सूची से हटाए गए 2.67 लाख नाम
जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि एसआईआर (SIR) के तहत वोटर लिस्ट का नया ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। इस शुद्धिकरण प्रक्रिया में करीब 2.67 लाख फर्जी या अपात्र नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इसी प्रक्रिया के बीच स्मृति ईरानी का नाम मेदन मवई की सूची में विधिवत रूप से दर्ज पाया गया है।
हार के बावजूद क्षेत्र में सक्रियता बरकरार
बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्मृति ईरानी केवल सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि अमेठी की एक निवासी के तौर पर यहाँ से जुड़ाव रखती हैं। क्षेत्र में उनके आवास का होना और वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराना यह संकेत देता है कि वे भविष्य की राजनीतिक लड़ाई के लिए अमेठी की जमीन को तैयार कर रही हैं।