साइकिल के आगे थम गई वंदे भारत की रफ्तार, यात्रियों में मचा हड़कंप, रेलवे जांच टीम ने शुरू की पूछताछ

रायबरेली से ऊंचाहार की ओर जा रहे एक इंजन से साइकिल टकराने के कारण रेलखंड पर हड़कंप मच गया। इस घटना की वजह से गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत एक्सप्रेस को लक्ष्मणपुर स्टेशन पर रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई।

Raebareli : रायबरेली से ऊंचाहार की ओर जा रहे इंजन संख्या 49572 के साथ मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। सुबह करीब 11.38 बजे लक्ष्मणपुर और ऊंचाहार स्टेशन के मध्य किलोमीटर संख्या 88/5 व 88/3 के बीच रेलवे ट्रैक पर अचानक एक साइकिल इंजन से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि साइकिल इंजन की चपेट में आकर उसमें बुरी तरह फंस गई, जिसके बाद लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर इंजन को मौके पर ही रोक दिया।

वंदे भारत एक्सप्रेस पर पड़ा असर 

इस घटना के कारण रेल यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इसी दौरान गाड़ी संख्या 22549 गोरखपुर से प्रयागराज की ओर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस को सुरक्षा कारणों से लक्ष्मणपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर रोकना पड़ा। वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेन के अचानक रुकने से यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा, हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद ही ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।

अधिकारियों में मचा हड़कंप 

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के संबंधित अधिकारी और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। इंजन के लोको पायलट नितिन कुमार ने तत्काल अरखा स्टेशन और लखनऊ कंट्रोल रूम को इस मामले की जानकारी दी। आरपीएफ ऊंचाहार को भेजे गए मेमो में इस बात का जिक्र किया गया है कि एक बच्चे द्वारा ट्रैक पार करते समय साइकिल वहां फेंक दी गई थी, जो इंजन के नीचे आकर फंस गई।

उच्चस्तरीय जांच टीम गठित 

रेलवे प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया है। इसमें क्षेत्रीय यातायात निरीक्षक, सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ, चीफ लोको इंस्पेक्टर और कैरिज एवं वैगन विभाग के अधिकारी शामिल हैं। जांच टीम ने लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, स्टेशन अधीक्षक और प्वाइंटमैन के बयान दर्ज किए हैं ताकि घटना की वास्तविक वजहों का पता लगाया जा सके।

अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज 

ऊंचाहार रेलवे स्टेशन के आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक एसके सिंह यादव ने बताया कि लोको पायलट की तहरीर के आधार पर अज्ञात साइकिल सवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। रेलवे ट्रैक पर इस तरह की लापरवाही को सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। फिलहाल ट्रैक को पूरी तरह साफ कर यातायात सामान्य कर दिया गया है, लेकिन पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।