UP News : साधु के वेश में प्रदर्शन करने का मामला, प्रयागराज कोर्ट के आदेश पर सांसद पप्पू यादव पर दर्ज हुआ मुकदमा, इस दिन होगी सुनवाई

UP News : संसद परिसर में साधु के वेश में प्रदर्शन करना निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को महंगा पड़ गया है. इस मामले को लेकर उनपर मुकदमा दर्ज किया गया है.......पढ़िए आगे

पप्पू यादव पर मुकदमा - फोटो : SOCIAL MEDIA

UP News : पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट योगेश जैन की अदालत ने बीजेपी नेता और अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सांसद के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट के कड़े रुख के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं—318(4), 338, 196, 298, 299 और 356 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही अदालत ने सांसद पप्पू यादव को 11 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का समन जारी किया है।

यह पूरा विवाद संसद परिसर के बाहर आयोजित एक अनोखे प्रदर्शन से जुड़ा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान सांसद पप्पू यादव साधु-संतों का वेश धारण कर पहुँचे थे। उन्होंने अयोध्या के श्रीराम मंदिर समेत देश के प्रमुख मंदिरों में चढ़ावे और दान के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया था। हालांकि, उनके इस प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और धार्मिक संगठनों ने कड़ा ऐतराज जताया था।

मामले के शिकायतकर्ता सुशील कुमार मिश्रा, जो बीजेपी विधि विभाग के प्रदेश सह संयोजक भी हैं, ने अदालत में तर्क दिया कि संसद परिसर के बाहर साधु वेश धारण कर किया गया यह प्रदर्शन सनातन धर्म और हिंदू समाज की आस्था को गहरा ठेस पहुँचाने वाला था। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद ने जानबूझकर ऐसा वेश धारण किया जिससे साधु-संतों का उपहास उड़ा और जनमानस में धार्मिक भावनाएं भड़क सकती थीं। शिकायत में कहा गया है कि मंदिरों के चढ़ावे को लेकर दिया गया बयान समाज में भ्रम और गुस्सा फैलाने वाला था।

अदालत द्वारा प्राथमिक दृष्टया आरोपों को संज्ञान में लेने के बाद पुलिस ने आधिकारिक तौर पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। प्रयागराज में मुकदमा दर्ज होने से पप्पू यादव के खिलाफ एक नया कानूनी मोर्चा खुल गया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि 11 अगस्त की पेशी के दौरान सांसद को अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा, जिसके बाद ही आगे की कार्यवाही तय होगी।