उत्तराखंड के टिहरी में भीषण सड़क हादसा:गहरी खाई में गिरी गाड़ी; 8 यात्रियों की मौत

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में आज एक गाड़ी 300 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर गहरा दुख जताया है।

उत्तराखंड के टिहरी में भीषण सड़क हादसा- फोटो : news 4 nation

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में गुरुवार दोपहर एक हृदयविदारक सड़क हादसा हुआ। चंबा-कोटि मार्ग पर नैल-कोटी कॉलोनी के पास एक अनियंत्रित वाहन लगभग 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक दुर्घटना में आठ यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल राहत कार्य शुरू किए गए।


SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, भौगोलिक स्थिति बनी चुनौती

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँचीं। गहराई अधिक होने और ढलान वाले रास्ते के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। आनन-फानन में SDRF (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) को बुलाया गया है। टिहरी की जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने पुष्टि की है कि SDRF की टीम मौके पर रेस्क्यू चला रही है, लेकिन खाई की गहराई के कारण घटनास्थल तक पहुँचने में समय लग रहा है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया गहरा शोक

इस भीषण हादसे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लिखा कि यह समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में कोई कोताही न बरती जाए और उन्हें तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।


प्रशासनिक सतर्कता और राहत कार्यों पर नजर

जिला प्रशासन और राहत टीमें वर्तमान में घायलों को खाई से निकालकर अस्पताल पहुँचाने को प्राथमिकता दे रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस की मदद की है। जिलाधिकारी के अनुसार, मृतकों के शवों को निकालने और उनकी पहचान करने की प्रक्रिया जारी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण वाहन का नियंत्रण खोना माना जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने मामले की विस्तृत जाँच के आदेश दिए हैं ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता चल सके।