बंगाल में नितिन नवीन की 'रणभेरी': ममता बनर्जी ने बंगाल को बनाया 'भ्रष्टाचार का कारखाना', अब घुसपैठियों की नहीं, सनातनियों की चलेगी सरकार!
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने पहले बंगाल दौरे पर ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दुर्गापुर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य में 'डबल इंजन' की सरकार बनाने का आह्वान किया और टीएमसी पर बंगाल को बांग्लादेश की ओर धकेल
New Delhi - : भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने पहले बंगाल दौरे पर ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दुर्गापुर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य में 'डबल इंजन' की सरकार बनाने का आह्वान किया और टीएमसी पर बंगाल को बांग्लादेश की ओर धकेलने का गंभीर आरोप लगाया।
अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया
सम्मेलन की शुरुआत में नितिन नवीन ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए आकस्मिक निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने इसे भारतीय राजनीति के लिए एक अत्यंत दुखद दिन बताते हुए कहा कि अजित पवार ने महाराष्ट्र के विकास में अमूल्य योगदान दिया था। नवीन ने शोक संतप्त परिवार और महाराष्ट्र की जनता के प्रति पूरे भाजपा परिवार की ओर से संवेदना व्यक्त की।
ऐतिहासिक भूमि पर ममता सरकार को दी चुनौती
नितिन नवीन ने ऐतिहासिक भिरिंगी श्मशान काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विवेकानंद और रवींद्रनाथ ठाकुर जैसी महान विभूतियों की यह भूमि आज अराजकता और भ्रष्टाचार की गवाह बन रही है। नवीन ने कार्यकर्ताओं के संघर्ष का अभिनंदन करते हुए कहा कि केवल भाजपा ही इस दमनकारी और अराजकतावादी सरकार के खिलाफ सीना तानकर खड़ी है।
भ्रष्टाचार का 'कारखाना' बन चुका है पश्चिम बंगाल
ममता बनर्जी पर सीधा हमला करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि उन्होंने प्रदेश को भ्रष्टाचार के कारखाने में तब्दील कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के विधायक और मंत्री 'टीएमसी टैक्स' वसूलने में लगे हुए हैं और जनता की खून-पसीने की कमाई को लूटा जा रहा है। नवीन के अनुसार, ममता बनर्जी ने भ्रष्टाचार खत्म करने का सपना दिखाकर सत्ता हासिल की थी, लेकिन आज राज्य में केवल घोटाले ही घोटाले हो रहे हैं।
बंगाल को 'बांग्लादेश' बनाने की साजिश का आरोप
नितिन नवीन ने जनसांख्यिकी बदलाव और घुसपैठ को लेकर ममता सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बंगाल में ऐसी मानसिकता मौजूद है जो इसे फिर से बांग्लादेश में मिलाना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता कुर्बानी देने को तैयार है, लेकिन किसी भी हाल में बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को याद दिलाते हुए घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी लड़ाई का संकल्प दोहराया।
महिलाओं की सुरक्षा और टीएमसी की असंवेदनशीलता
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने दुर्गापुर की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने अपराधियों को बचाने के लिए शासन-प्रशासन का दुरुपयोग किया। नवीन ने ममता बनर्जी की उस मानसिकता की आलोचना की जहाँ महिलाओं को शाम सात बजे के बाद घर में रहने की सलाह दी जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही माताओं और बहनों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
औद्योगिक पतन और युवाओं का पलायन
दुर्गापुर के गौरवशाली औद्योगिक इतिहास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जो शहर कभी रोजगार का हब था, आज वहां से युवा पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंगूर आंदोलन करने वालों ने न तो नए उद्योग लगाए और न ही पुरानी इंडस्ट्री को बचाने का प्रयास किया। 15 वर्षों के टीएमसी शासन में युवाओं को केवल बेरोजगारी और टीएमसी के गुंडों की प्रताड़ना ही मिली है।
सनातन परंपराओं पर प्रहार और कार्यकर्ताओं को संदेश
अंत में उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में अज़ान से समस्या नहीं है, लेकिन मां दुर्गा की आराधना पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे टीएमसी की 'कठपुतली' न बनें, क्योंकि यह चंद दिनों की सरकार है। नवीन ने कार्यकर्ताओं से हर बूथ पर जीत हासिल करने का आह्वान करते हुए कहा कि शक्ति केंद्र मजबूत होंगे, तभी बंगाल की इस पवित्र भूमि पर एक बार फिर कमल खिलेगा।