डोनाल्ड ट्रंप पर फिर कातिलाना हमला, हिल्टन होटल बना जंग का मैदान, वाशिंगटन में गोलियों की गूंज, एजेंसियों ने वक्त रहते नाकाम की साजिश

Donald Trump: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में उस वक्त अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब एक हाई-प्रोफाइल डिनर इवेंट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाते हुए सनसनीखेज फायरिंग की वारदात सामने आई। ...

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला- फोटो : social Media

Donald Trump: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में उस वक्त अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब एक हाई-प्रोफाइल डिनर इवेंट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाते हुए सनसनीखेज फायरिंग की वारदात सामने आई। हिल्टन होटल के आलीशान बॉलरूम के बाहर गोलियों की तड़तड़ाहट ने महफिल को मातम में बदल दिया और हर तरफ भगदड़ मच गई।

सूत्रों के मुताबिक, एक हथियारबंद हमलावर ने अचानक कई राउंड फायरिंग शुरू कर दी और मुख्य मंच की ओर बढ़ने लगा, जहां ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ मौजूद थे। लेकिन इससे पहले कि वह अपने खतरनाक मंसूबों को अंजाम दे पाता, सीक्रेट सर्विस के मुस्तैद एजेंटों ने उसे दबोच लिया। ट्रंप और अन्य वीआईपी मेहमानों को फौरन सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

इस खौफनाक मंजर के बीच एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी भी हमलावर की गोली का निशाना बना, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट ने उसकी जान बचा ली। बताया जा रहा है कि हमलावर बेहद नजदीक से फायरिंग कर रहा था, जिससे हालात और भी संगीन हो गए थे।

घटना के बाद ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मीडिया से मुखातिब होते हुए अपने खास अंदाज में बयान दिया। उन्होंने कहा, “जो लोग सबसे ज्यादा असर डालते हैं, दुश्मन भी उन्हीं के पीछे पड़ते हैं।” उनके इस बयान ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

यह कोई पहला मौका नहीं है जब ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ हो। इससे पहले भी पेंसिल्वेनिया में एक रैली के दौरान उन पर फायरिंग की गई थी, जिसमें उनके कान को छूती हुई गोली निकल गई थी। बार-बार हो रहे इन हमलों ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की तहकीकात में जुटी हैं। संदिग्ध से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। इस खौफनाक वारदात ने एक बार फिर दुनिया को यह एहसास करा दिया है कि सत्ता के गलियारों में हर कदम पर खतरे की परछाई मंडराती रहती है।