Iran Inflation 2026: ईरान में महंगाई का विस्फोट! 87.9% पहुंची दर, मीट-डेयरी की कीमतों ने बढ़ाई परेशानी
Iran Inflation 2026: ईरान में महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जुलाई 2026 में साल-दर-साल महंगाई करीब 87.9% रही। मीट, डेयरी, चाय और कॉफी की बढ़ती कीमतों से परिवार परेशान हैं।
Iran Inflation 2026: ईरान की खराब होती अर्थव्यवस्था का असर अब सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिख रहा है। खाने-पीने की चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ने के कारण कई परिवारों को अपने खर्च में कटौती करनी पड़ रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, लोगों ने मीट, दूध से बने सामान और कॉफी जैसी चीजों का इस्तेमाल कम कर दिया है।
ईरान लंबे समय से आर्थिक दबाव, प्रतिबंधों और विदेशी मुद्रा की कमी का सामना कर रहा है। अमेरिका के साथ जारी तनाव ने हालात को और मुश्किल बना दिया है। महंगाई बढ़ने से खास तौर पर कम आय वाले परिवारों पर ज्यादा असर पड़ा है।
एक साल में महंगाई 88% तक पहुंची
ईरान के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में सालाना महंगाई दर करीब 66 फीसदी रही। जून में यह दर 62 फीसदी थी। वहीं, साल-दर-साल यानी जुलाई 2025 की तुलना में जुलाई 2026 में कीमतों में करीब 87.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका सीधा मतलब है कि जुलाई 2025 में जिस सामान और सेवाओं के लिए कोई परिवार 100 रुपये खर्च करता था, उसी तरह की चीजों के लिए जुलाई 2026 में करीब 188 रुपये खर्च करने पड़ सकते थे। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ISNA ने भी अगस्त में अपनी रिपोर्ट में महंगाई की गंभीर स्थिति का जिक्र किया। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम परिवारों का घरेलू बजट बिगड़ गया है।
कॉफी और चाय खरीदना भी हुआ महंगा
ईरान में चाय और कॉफी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं, लेकिन इनकी कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। आयात में परेशानी और डॉलर की कमी के कारण कॉफी और चाय जैसी चीजों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ कॉफी और चाय उत्पादों की खुदरा कीमतों में 100 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में लोग इन चीजों की खरीद कम कर रहे हैं या सस्ते विकल्प अपना रहे हैं।
दूध, दही और पनीर की कीमत भी बढ़ी
महंगाई का असर डेयरी उत्पादों पर भी पड़ा है। दूध, दही और पनीर की कीमत बढ़ने की एक बड़ी वजह पशु चारे और दूसरी लागत का महंगा होना बताया जा रहा है। डेयरी कंपनियों के खर्च बढ़ने का असर आखिर में ग्राहकों पर पड़ रहा है। कम आय वाले परिवारों के लिए रोजाना इस्तेमाल होने वाली इन चीजों को खरीदना भी मुश्किल होता जा रहा है।
मीट से भी दूरी बना रहे लोग
मीट की कीमत बढ़ने के कारण कई परिवारों ने इसकी खरीद कम कर दी है। लोगों की कोशिश है कि खाने के जरूरी सामान पर ही पैसा खर्च किया जाए और महंगी चीजों को कम खरीदा जाए। इसका असर लोगों के खाने के तरीके पर भी पड़ रहा है। महंगाई बढ़ने के साथ परिवार अपने बजट के हिसाब से भोजन का चुनाव कर रहे हैं।
रोजगार पर भी बढ़ रहा दबाव
ईरान की परेशानी सिर्फ महंगाई तक सीमित नहीं है। कारोबार और उद्योग पर बढ़ते दबाव का असर रोजगार पर भी पड़ रहा है। फुल-टाइम नौकरियों और औद्योगिक गतिविधियों में कमी की खबरों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। ऐसे समय में जब आमदनी की रफ्तार धीमी है, वहीं दूसरी तरफ खाने-पीने और रोजमर्रा की चीजों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति पर दोहरा दबाव पड़ रहा है।