Mojtaba Khamenei : सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई बेहोश, कोम में चल रहा इलाज, मिडिल ईस्ट में जंग के दरमियान ईरान में सियासी सन्नाटा!

Mojtaba Khamenei : मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच ईरान की सियासत से एक बेहद सनसनीखेज और बेचैन करने वाली खबर सामने आई है।रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई की सेहत नाज़ुक बताई जा रही है ...

मुज्तबा खामेनेई की हालत गंभीर- फोटो : social Media

Mojtaba Khamenei : मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच ईरान की सियासत से एक बेहद सनसनीखेज और बेचैन करने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई की सेहत नाज़ुक बताई जा रही है और वह कथित तौर पर बेहोशी की हालत में हैं। कहा जा रहा है कि को के एक अस्पताल में उनका इलाज जारी है, जिससे पूरे मुल्क में बेचैनी और सियासी हलचल तेज हो गई है।

ब्रिटिश अखबार  की रिपोर्ट ने इस मामले को और भी संगीन बना दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जंग के दौरान हुए हमलों में खामेनेई जख्मी हो गए थे, जिसके बाद से उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई है। हालांकि, ईरान की हुकूमत की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे अफवाहों का बाज़ार और गर्म हो गया है।

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू हुई जंग ने पूरे इलाके को बारूद के ढेर पर ला खड़ा किया है। इस जंग के पहले ही दिन ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर ने दुनिया को चौंका दिया था। इसके बाद सियासी विरासत को संभालने की जिम्मेदारी मुज्तबा खामेनेई को सौंपी गई थी, लेकिन सत्ता संभालने के बाद से उनकी गैर-मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

बता दें कि खामेनेई को सत्ता संभालने के बाद से अब तक किसी भी सार्वजनिक मंच पर नहीं देखा गया है। इससे पहले यह खबर भी उड़ी थी कि उनका इलाज मॉस्को में चल रहा है, लेकिन रूस के राजनयिक हलकों ने इस बात से साफ इनकार कर दिया था। अब ताजा रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि वह ईरान में ही इलाजरत हैं।

सियासी जानकारों का मानना है कि अगर यह खबर सही साबित होती है, तो ईरान के सत्ता ढांचे में बड़ा भूचाल आ सकता है। पहले ही जंग के हालात, ऊपर से सर्वोच्च नेतृत्व पर संकट यह दोहरी मार ईरान की स्थिरता के लिए बड़ा इम्तिहान साबित हो सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ईरान इस मुश्किल दौर में मजबूत नेतृत्व कायम रख पाएगा, या फिर अंदरूनी अस्थिरता जंग से भी बड़ा खतरा बन जाएगी। फिलहाल, दुनिया की निगाहें तेहरान की सियासत और खामेनेई की सेहत पर टिकी हुई हैं, जहां हर पल हालात बदलते नजर आ रहे हैं।