तेल संकट के बीच अमेरिका बना भारत का नया ऊर्जा पार्टनर
भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अमेरिका से आया बड़ा संदेश… Trump और PM Modi की मजबूत दोस्ती के बीच अब भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी को नई रफ्तार मिलने जा रही है। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ कहा है कि अमेरिका भारत को ज्यादा से ज्यादा तेल औ
अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio 23 मई से 26 मई के बीच भारत दौरे पर रहेंगे। इस दौरे से पहले उन्होंने भारत-अमेरिका ऊर्जा सहयोग को लेकर बड़ा बयान दिया है। खासतौर पर Strait of Hormuz बंद होने की आशंका के बीच उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को अधिक से अधिक ऊर्जा निर्यात करना चाहता है।
भारत को ज्यादा से ज्यादा ऊर्जा बेचना चाहते हैं
मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका इस समय रिकॉर्ड स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अमेरिका भारत को जितनी अधिक ऊर्जा बेच सके, उतना बेचना चाहता है। उनके इस बयान को भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते ऊर्जा संबंधों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अमेरिका भारत को कच्चा तेल, LNG और अन्य ऊर्जा संसाधनों की सप्लाई बढ़ा सकता है। इससे भारत को ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में नई मजबूती मिल सकती है।
Strait of Hormuz को लेकर दुनिया की चिंता
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ गई है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस की सप्लाई होती है।
अगर किसी वजह से यह समुद्री मार्ग बाधित होता है या बंद होता है, तो भारत समेत कई देशों में तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए Hormuz Strait में किसी भी संकट का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर पड़ सकता है।
मध्य पूर्व पर निर्भरता कम करना चाहता है अमेरिका
मार्को रुबियो ने यह भी संकेत दिए कि अमेरिका भारत के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने Venezuelan oil को लेकर भी संभावनाएं जताईं। माना जा रहा है कि अमेरिका चाहता है कि भारत की मध्य पूर्वी देशों पर ऊर्जा निर्भरता कम हो और अमेरिकी ऊर्जा बाजार में उसकी हिस्सेदारी बढ़े।
भारत-अमेरिका संबंधों के लिए अहम दौरा
मार्को रुबियो का यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका भारत को बड़े स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई बढ़ाता है, तो इससे भारत को वैश्विक संकट के समय वैकल्पिक ऊर्जा विकल्प मिलेंगे और ऊर्जा आपूर्ति अधिक सुरक्षित हो सकेगी।
खबर/रिसर्च: अभिजीत भारद्वाज