US Iran Conflict: ईरान-अमेरिका जंग में बढ़ा तनाव, 10वीं रात भी बरसे ताबड़तोड़ बम, मुद्री धमकी से वैश्विक व्यापार पर मंडरा रहा संकट

US Iran Conflict: अमेरिका ने लगातार 10वीं रात ईरान के दक्षिणी हिस्सों में हवाई हमले किए।...

ईरान-अमेरिका जंग में बढ़ा तनाव- फोटो : social Media

US Iran Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव अब और गहराता जा रहा है। अमेरिका ने आज यानी मंगलवार को लगातार 10वीं रात ईरान के दक्षिणी हिस्सों में हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया के मुताबिक, सीरिक, बंदर अब्बास, क़ेश्म द्वीप, चाबहार और कोनारक समेत कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इन हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल और ज्यादा गंभीर हो गया है।

दूसरी ओर, ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने कुवैत के कैंप अरिफजान में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर तैनात HIMARS मिसाइल सिस्टम को निशाना बनाया है। हालांकि, ईरान के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने कुवैत स्थित तीन अमेरिकी सैन्य ठिकानों कैंप अरिफजान, कैंप अल-अदीरी और अहमद अल-जाबेर एयरबेस—पर कामिकाजे ड्रोन से हमला किया।

इस बीच, ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने भी क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान करते हुए कहा है कि बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजरने वाले सऊदी जहाज उनके निशाने पर रहेंगे। यह समुद्री मार्ग लाल सागर का अहम प्रवेश द्वार है, जहां से दुनिया के करीब 10 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का आवागमन होता है।उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर दो विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका या तो 10 दिन के सीजफायर प्रस्ताव को आगे बढ़ा सकता है या फिर इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ नया बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर सकता है।

बताया जा रहा है कि कतर, मिस्र और पाकिस्तान समेत कई देशों ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए 10 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी गई है और सैन्य कार्रवाई जारी है।सीजफायर की कोशिशों के बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी है। अतिरिक्त लड़ाकू विमानों और हवा में ईंधन भरने वाले विमानों की तैनाती की गई है। वहीं, इजराइल भी बातचीत विफल होने की स्थिति में बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है।

हालिया घटनाक्रम में जॉर्डन में ईरानी मिसाइल हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद कूटनीतिक प्रयासों को झटका लगा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक राष्ट्रपति ट्रम्प इसे रोकने का फैसला नहीं लेते।अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीतिक प्रयास युद्ध की आग को शांत कर पाएंगे या फिर पश्चिम एशिया का यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल जाएगा।