शराबबंदी के 10 साल का सफर! 9.65 लाख से अधिक हुए गिरफ्तार, 1863 करोड़ रुपये की शराब बरामद
विभाग के अनुसार मई 2026 तक बिहार में कुल 3 करोड़ 16 लाख 36 हजार 175 लीटर शराब बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 1863 करोड़ 8 लाख 83 हजार 986 रुपये है।
Prohibition in Bihar : बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुए एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन राज्य में शराब तस्करी और अवैध कारोबार पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अप्रैल 2016 में बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी। इसके बाद से राज्य के विभिन्न जिलों में रोजाना शराब की खेप पकड़े जाने की खबरें सामने आती रही हैं।
इसी बीच मद्य निषेध एवं नारकोटिक्स विभाग के डीआईजी अजय कुमार पांडेय ने सोमवार को शराबबंदी से जुड़े चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। विभाग के अनुसार मई 2026 तक बिहार में कुल 3 करोड़ 16 लाख 36 हजार 175 लीटर शराब बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 1863 करोड़ 8 लाख 83 हजार 986 रुपये है। आंकड़ों के मुताबिक शराबबंदी लागू होने के बाद से राज्यभर में 5 लाख 88 हजार 586 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 9 लाख 65 हजार 613 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 1 लाख 27 हजार 275 वाहन जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तारी और केस के आंकड़े
सबसे अधिक 1,71,749 गिरफ्तारियां वर्ष 2022 में दर्ज की गईं। वहीं 2023 में 1,43,621 और 2025 में 1,25,575 लोगों को शराबबंदी कानून के तहत गिरफ्तार किया गया। 2022 में ही सबसे अधिक 96,157 मामले दर्ज हुए थे। मद्य निषेध विभाग का कहना है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस, उत्पाद विभाग और विशेष अभियान दल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। हालांकि, रोजाना हो रही बरामदगी यह भी संकेत देती है कि राज्य में शराब की तस्करी रोकना अब भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
शराबबंदी की समीक्षा की मांग
10 साल में 9.65 लाख से अधिक गिरफ्तार होने के बाद भी बिहार में शराबबंदी पूर्ण रूप से सफल नहीं माना जाता है। अमूमन हर दिन में राज्य के किसी न किसी जिले में शराब की बड़ी खेप बरामद होती है। ऐसे में शराबबंदी की सफलता को लेकर कई किस्म के सवाल भी उठते हैं। यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कई बार बिहार में शराबबंदी की समीक्षा की मांग की। इसके साथ ही कई अन्य विपक्षी दलों के नेताओं की ओर से भी शराबबंदी पर सवाल उठाया जाता रहा है।
वर्षवार शराब बरामदगी
2016-17: 21.25 लाख लीटर शराब बरामद, कीमत 103.41 करोड़ रुपये
2018: 21.93 लाख लीटर, कीमत 133.51 करोड़ रुपये
2019: 32.64 लाख लीटर, कीमत 203.19 करोड़ रुपये
2020: 32.51 लाख लीटर, कीमत 194.37 करोड़ रुपये
2021: 45.37 लाख लीटर, कीमत 256.72 करोड़ रुपये
2022: 33.27 लाख लीटर, कीमत 166.65 करोड़ रुपये
2023: 39.63 लाख लीटर, कीमत 218.21 करोड़ रुपये
2024: 34.61 लाख लीटर, कीमत 153.12 करोड़ रुपये
2025: 37.75 लाख लीटर, कीमत 293.58 करोड़ रुपये
2026 (मई तक): 17.36 लाख लीटर, कीमत 140.29 करोड़ रुपये