पेपर लीक पर टकराव के बीच आज छात्रों से वार्ता करेगी सरकार, निर्णायक मोड़ पर 34 दिन से जारी आंदोलन, बातचीत पर सबकी नजर

Paper Leak Protest: NEET UG पेपर लीक विवाद को लेकर सियासी और छात्र आंदोलन के बीच आज बड़ा दिन माना जा रहा है।...

Govt Students Meet Today as Paper Leak Protest Enters Day 34
छात्रों के प्रतिनिधि मंडल और सरकार के बीच होगी वार्ता- फोटो : reporter

Paper Leak Protest:  NEET UG पेपर लीक विवाद को लेकर सियासी और छात्र आंदोलन के बीच आज बड़ा दिन माना जा रहा है। सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद अब सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच औपचारिक वार्ता होगी। दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में होने वाली इस बैठक पर देशभर के छात्रों और अभिभावकों की निगाहें टिकी हैं।

इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से जारी आधिकारिक पोस्टर में कहा गया है कि आंदोलन का उद्देश्य केवल पेपर लीक का विरोध नहीं, बल्कि देशभर में पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता जताना भी है। जंतर-मंतर पर सीजेपी का धरना लगातार 34वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

उधर, लंबे समय से प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे आंदोलनकारियों के बीच गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो संदेश जारी कर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और कठोर कानून लाने की दिशा में सरकार तेजी से कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने भी छात्र आंदोलन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवा छात्रों का कई दिनों तक नई दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन करना चिंताजनक और दुखद है। उनका मानना है कि इस विवाद का समाधान संवाद और संवेदनशीलता से निकाला जाना चाहिए, ताकि छात्रों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था में बना रहे।

अब सबकी निगाहें सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली वार्ता पर हैं। उम्मीद की जा रही है कि बातचीत से गतिरोध टूटेगा और पेपर लीक विवाद के समाधान की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकल सकता है।